Tuesday, October 13, 2009
दीनी मदरसा में दूनियाबी शिक्षा का पहल जमीन पर
ललन बने दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष, जदयू में खुशी की लहर, बधाई
विश्व दृष्टि दिवस : 1429 पीड़ितों को मिला है नि:शुल्क ज्योति दान
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में आपूर्ति विभाग में पारदर्शिता पर जोर : अनुमंडल पदाधिकारी
पैक्स चुनाव में कुल 93 उम्मीदवार निर्विरोध घोषित
पैक्स चुनाव में कुल 93 उम्मीदवार निर्विरोध घोषित चुन लिए गए हैं। इसमें उदगाड़ा से अध्यक्ष सहित सदस्य के सभी पदों के उम्मीदवार शामिल हैं। प्रखंड का एकमात्र उदगाड़ा ऐसा पैक्स रहा जहां किसी भी पद के लिए चुनाव की नौबत नहीं आई। जबकि बुढ़नई ऐसा पैक्स है जहां सभी पदों के लिए घमासान मचेगा। प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी राम कुमार पोद्दार के अनुसार उदगाड़ा से अध्यक्ष के लिए तसीर के अलावा सदस्य पदों में सागर सदा, राजकुमार सदा, सफीउज्जमां, समसद्दीन, कुतुन निशां, बीबीही राम, शेखावत अली, तसीरउद्दीन, प्रभु राम, रुस्तम अली तथा जाहि शामिल हैं। इसी प्रकार बुधरा से अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। जबकि सदस्यों में घुलिया हरिजन, राम हेम्ब्रम, सयन आलम, अर्जून कामती, हदिशा खातुन, रुकसाना, साबीर, एहसान, जुल्फेकार, जाहिद तथा एजामुल निर्विरोध चुने गये। नौकट्टा से सदस्य पदों में राजेन्द्र प्रसाद, कुंजी लाल, नाजरा बेगम, रहीम, अब्दुल कुदुस, मफुज, सरफुद्दीन तथा असगरी अली निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये। जबकि फाला से मात्र दो सदस्य सुशील कुमार सिंह और जगदीश दास तथा कसबा कलियागंज से भी मात्र दो शबाना बेगम व नजरा खातून निर्विरोध हुए। इन पंचायतों में शेष पदों के लिए चुनावी जंग होगी।
Monday, October 12, 2009
दलालों के इशारों पर देती हैं इलाहाबाद बैंक ऋण
इलाहाबाद बैंक महीन गांव दलालों के इशारे पर किसी को भी ऋण दे देती है, यहां तक कि मृत व्यक्ति को भी। यह मामला 11 अक्टूबर को ग्राम कचहरी दौला में उजागर हुआ जिसमें मृत व्यक्ति का नाम व जीवित व्यक्ति का फोटो लगाकर दलालो द्वारा रुपए निकाला गया है। जिस व्यक्ति का फोटो लगाया गया है ,वह निरक्षर है। मौके पर मामल को थाने में ले जाने लिए कवायद जारी है। सरपंच दौला मो। इस्लाम ने किसान क्रेडिट कार्ड व पासबुक को दिखाते हुए जानकारी दी कि 18 दिसम्बर 2007 को, 1994 में ही स्वर्ग सिधार गए मो। कलीमउद्दीन पिता विलायत अली ग्राम समदा ग्राम पंचायत दौला को किसान क्रेडिट संख्या 3117208-3099 में 15 हजार रुपए का ऋण साख दी गई है।
सरपंच दौला ने जानकारी दी कि मृत व्यक्ति के नाम सेबैंक द्वारा ऋण देना असाधारण घोटाला है। किसान क्रेडिट कार्ड पर अजहर अली पिता सोयब अली निवासी महीनगांव मोहल्ला सगवनबाड़ी का फोटो और अंगुठा का निशान लगा हुआ है तथा इलाहाबाद बैंक द्वारा जारी पासबुक में से 15 हजार रुपए निकाला गया है, जो बैंक के अधिकारियों व दलालों की मिली भगत के बिना संभव नही है। उधर फर्जी नाम से ऋण निकालने वाले अजहर ने बताया कि वह निरक्षर है।
नाम लेकर जानकारी दी कि बैंक में दलाल उन्हें ले गए थे और अंगुठा लगवाए और रुपए देने का आश्वासन दिए और बार-बार रुपए मांगने पर जब नही दिए तो वह ग्राम कचहरी में मामले को आज ले आया है। इधर सरपंच दौला मो। इस्लाम को काटो तो खून नही। क्योंकि उन्हीं के पिता स्वर्गीय मो। कलीमुद्दीन पिता विलायत अली के नाम से दूसरे का फोटो लगाकर इलाहाबाद बैंक से ऋण निकाला गया है। गौरतलब है कि मामल को थाने में ले जाने की कवायद मौके पर चल रही है और दलाल बीच में ही मामले को रफा-दफा करने के लिए जुटे हुए हैं।
इंसान स्कूल: राज्यपाल के आगमन को ले तैयारी शुरू
इंसान स्कूल-कालेज में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें सभी शिक्षक एवं शहर के शुभचिंतक शरीक हुए और 24 अक्टूबर को स्थापना दिवस पर महामहिम राज्यपाल देवानंद कुंवर के आगमन व अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई । बैठक की अध्यक्षता इस संस्था संस्थापक सह निदेशक पद्यश्री डा। सैयद हसन ने की। यह जानकारी इंसान डिग्री कालेज के प्राचार्य डा। शाकिर अली ने जागरण कार्यालय में आकर दी। इससे पहले इंसान कालेज के वरिष्ठ प्रोफेसर मजाहिरुल हसन ने कहा कि यह बैठक तीन विषयों पर आधारित है। पहला यह कि 24 अक्टूबर को इंसान कालेज का स्थापना दिवस है जिसमें बिहार के महामहिम राज्यपाल देवानंद कुंवर को आमंत्रित किया गया है जिसकी तैयारी हमे अच्छी तरह करनी है।
दूसरा यह कि डा. सैयद भाई पर हमें एक ऐसी किताब प्रकाशित करनी है जिसमें संस्था के पूर्व एवं वर्तमान छात्र-छात्राओं, देश-विदेश के प्रबुद्ध व्यक्तित्यों एवं आम लोगों की उनके और उनकी संस्था के विषय में क्या राय है, मालूम हो सके। तीसरा यह कि इंसान स्कूल कालेज की पत्रिका जो पिछले कई वर्षो से प्रकाशित नहीं हो रही है, उसे पुन: प्रकाशित कराया जाए। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने करतल ध्वनि से इसकी स्वीकृति प्रदान की। डा. सैयद हसन के छोटे बेटे प्रो. सफा सैयद हफीज को पुस्तक एवं पत्रिका के प्रकाशन की जिम्मेदारी सौंपी गयी।
सन 1974: लोकनायक जय प्रकाश आए किशनगंज में
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी सन 42 की अगस्त क्रांति के अग्रदूत लोकनायक जयप्रकाश सन 1974 में किशनगंज आईबी में झंडा दिवस के अवसर पर पधारे थे। उनका व्यक्तित्व अनूठा था। उनकी सोच ही अलग थी, वे चाहते तो वे भी स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प्रधानमंत्री अथवा केन्द्रीय मंत्रिमंडल के किसी भी प्रमुख मंत्रालय का मंत्री हो सकते थे लेकिन उन्होंने राष्ट्र की राजनीति की। स्वतंत्रता संग्राम की जिस चिंगारी को प्रज्ज्वलित किया उसका एकमात्र लक्ष्य था, राम राज्य के समान एक ऐसे राज्य की कल्पना को साकार करना जिसमें मानव दैहिक दैविक एवं भौतिक तापों से मुक्त हो।
उनका एक एक वाक्य आज भी राष्ट्र के लिए प्रासंगिक है। यह मानना है एक ख्यात समाजसेवी शिक्षाविद् एवं मारवाड़ी कालेज के सेवानिवृत्त इतिहास विभाग के अध्यक्ष डा। रामनाथ सिंह का। डा। सिंह जयप्रकाश की जयंती के अवसर पर जागरण से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को अथवा स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद समग्र क्रांति के अग्रदूत को कभी सत्ता पाने की सीढ़ी नहीं समझा।
1974 में जब उनका किशनगंज दौरा हुआ था उस समय उन्हें उनके साथ वार्तालाप का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि उनका कर्म एवं लक्ष्य दोनों अनूठा था। वे राष्ट्रहित के प्रति पूर्णत: समर्पित थे। उस दौरान लोक नायक जयप्रकाश नारायण सिंह मारवाड़ी कालेज किशनगंज के एनसीसी कैडटों एवं छात्र छात्राओं ने भेंट की थी। सेना दिवस के अवसर पर एनसीसी कैडेट्स भारतीय सैनिकों के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे थे।
लोकनायक जयप्रकाश राष्ट्रीय उच्चपथ 31 पर स्थित निरीक्षण भवन में ठहरे थे। लोकनायक से भी झंडा दिवस के अवसर पर चंदा प्राप्त करने एनसीसी के कैडेट अपने एनसीसी पदाधिकारी मेजर सिन्हा के निर्देश पर पहुंचे थे। उन्होंने उन्हें झंडा दिवस के अवसर पर उनके कोट में झंडा लगाया था तथा चंदा बाक्स में उनके दान प्राप्त किया था। उन्होंने सबसे चंदा प्रदान कर सैनिकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की थी। डा. सिंह ने कहा कि वे आज हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके संदेश आज भी प्रासंगिक हैं।
तकनीकी जागरूकता: कृषि विभाग ने आयोजित किया शिविर
हितकारी योजनाएं व तकनीकी जागरूकता को ले एक दिवसीय कृषि विकास शिविर का आयोजन रविवार को प्रखंड क्षेत्र के लौचा पंचायत भवन के परिसर में किया गया । कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण किशनगंज के सौजन्य से आयोजित इस विकास शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों कृषको ने भाग लिया । मौके पर सरकारी पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिकों व विभागीय कर्मियों ने स्थल पर लोगों के बीच समुचित जानकारियां दी ।
शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रहलाद लाल ने खेती के मुख्य रूप से मिट्टी जांच कार्य के उद्देश्य व इसमें मौजूद सभी पोषक तत्वों पर प्रकाश डाला एवं तत्वों की कमी को दूर करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड की भूमिका पर भी चर्चा किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक नंदिता कुमारी व प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार सिंह ने भी उपस्थित कृषकों शिविर के मुख्य उद्देश्यों की जानकारी दी तथा गुणवत्ता युक्त बीज, आय बढ़ोतरी, जीवन स्तर, नई चेतना व पलायन पर रोक आदि विषयों को बिन्दुवार उठाया ।
शिविर में मुख्य रूप से पशु चिकित्सक पदाधिकारी प्रदीप विश्वास, पर्यवेक्षक वासुदेव प्रसाद, मुखिया प्रतिनिधि सहीरउद्दीन दीवाना, समिति सदस्य मो। फरमान, सरपंच मो। सुलेमान, उपमुखिया अजमेरा खातून इत्यादि मुख्य रुप से उपस्थित थे।
दक्षता परीक्षा को भाग नही लेने को लिए दल का गठन
Thursday, October 8, 2009
मेची नदी का अवलोकन करेंगे नेपाल के उपप्रधानमंत्री
पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के उपप्रधानमंत्री विजय कुमार गच्छदार गुरुवार को भारत नेपाल को बांटने वाली मेची नदी का अवलोकन करेंगे। इस अवसर पर स्थानीय विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल भी बतौर अतिथि नेपाल के भद्रपुर में उपस्थित होंगे। नेपाल भारत मैत्री संघ के तत्वावधान में गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उपप्रधानमंत्री नेपाल को मेची नदी का निरीक्षण कर पुल निर्माण के आवश्यकता पर बातचीत होगी ।
गौरतलब है कि इस नदी पर पुल नहीं होने से दोनों राष्ट्रों को होने वाली परेशानी से भी उपप्रधानमंत्री को अवगत कराया जायेगा। सनद रहे कि मेची नदी पर पुल निर्माण को लेकर भारत नेपाल भारत मैची संघ एवं भारत नेपाल मैची संघ द्वारा तीन वर्ष पूर्व मानव श्रृंखला बनाकर पुल निर्माण की मांग की गई थी। वहीं निवर्तमान नेपाल के राजदूत श्याम शरण द्वारा भी इस मेची नदी स्थल का निरीक्षण कर बात को केन्द्र सरकार तक पहुंचाने की बात कहीं थी।
दो वर्ष पूर्व निवर्तमान सांसद मो. तस्लीमुद्दीन द्वारा भी दिल्ली से एक कमेटी को भेज मेची नदी का निरीक्षण करा पुल निर्माण की बात को आगे बढ़ाने की बात आगे बढ़ाई थी। इसी माह में जल संसाधन मंत्री बिहार सरकार विजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा भी अपने ठाकुरगंज के एक दिवसीय कार्यक्रम में सबसे पहले उनके द्वारा मेची नदी का निरीक्षण का पुल की आवश्यकता की बात कह केन्द्र सरकार तक बात पहुंचाने का वादा किया है ।
पैक्स चुनाव : अंतिम दिन तीन सौं उम्मीदवारों ने किया नामांकन
भारी बारिश के बीच पैक्स चुनाव को लेकर पोठिया प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को जबरदस्त भीड़ उमड़ी। नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण भीड़ जैसा नजारा था। मौसम अत्यधिक खराब होने के बावजूद सुबह से ही नामांकन के लिए उम्मीदवारों तथा समर्थक व प्रस्तावकों का मजमा जुटने लगा। प्रखंड मुख्यालय के चारों ओर लोगों की खचाखच भीड़ थी। इस कारण दिन में ही गैस लाइट जलाकर उम्मीदवारों का नामांकन लिया गया। प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ रामकुमार पोद्दार स्वयं दिनभर अपने कक्ष में बैठकर नामांकन को लेकर निगरानी करते रहे।
अंतिम दिन तीन सौ से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन किया जबकि दर्जनों की संख्या में लोग अलग अलग काउंटर स्थित कतार में खड़े थे। आने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में उदगाड़ा पैक्स अध्यक्ष पद के लिए पूर्व जिप चेयरमैन तसीर, कसबा कलियागंज से सदस्य के लिए डीलर नागेश्वर चौधरी, कुसियारी पैक्स अध्यक्ष के लिए स्थानीय प्रतिनिधि मुमताज सहित कई नामी गिरामी लोग शामिल हैं। नामांकन की स्क्रुटनी 8 अक्टूबर तथा नाम वापसी की तिथि व चुनाव चिन्ह का आवंटन 9 अक्टूबर को होगा।
एलआईसी के अभिकर्ताओं ने बहादुरगंज में बैठक आयोजित की
Wednesday, October 7, 2009
सूड़ीभिट्टा गांव : बिहड़ एरिया में जनप्रतिनिधि भी जाने से कतराते हैं
सूड़ीभिंट्टा गांव की आबादी लगभग दो हजार है। चार वर्ष के कार्यकाल में मैं स्वयं एक बार उस गांव में पहुंचा हूं। वहां की दो हजार की आबादी को जोड़ने के लिए एक पुल की जरूरत है। यह बात स्थानीय विधायक तौशीफ आलम कहीं। वे अपने आवास पर जिला प्रभारी मंत्री विजेन्द्र यादव का जिले में तीन दिवसीय दौरा और उनके द्वारा स्वीकृत योजनाओं पर जागरण से बातचीत कर रहे थे। विधायक श्री आलम जानकारी दी कि नगर पंचायत बहादुरगंज में लगभग 90 लाख रुपए की लागत से पीडब्लूडी बहादुरगंज 84 पथ से जुरैल खानका होते हुए बेनी बहादुरगंज पथ तक दो किमी. व 65 लाख रुपए से मन्दिर चौक से ब्लाक होते हुए वाया कब्रिस्तान तक पीसीसी सड़क की स्वीकृति मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के अन्तर्गत प्रभारी मंत्री श्री यादव ने दी है। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री सेतु की जानकारी देते हुए बताया कि हाड़ीभिंट्टा में दो पुल के अलावा काजी टोला दुलाली, सिंघिया दुलाली, चन्द्रवार, बैरवन्ना डोगाडांगी, तुलसिया दक्षिण टोला, गोगामैला, मस्तान टोला दहीभात, मोहम्मदनगर, हाड़ीभिंट्टा कटिंग पर पुल बनेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेतु को चयन करते समय सिंघीमारी, लोहागाड़ा, लक्ष्मीपुर, बीबीगंज सहित दिघलबैंक के पश्चिम इलाके के आवागमन को विशेष ध्यान दिया गया है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि टेढ़ागाछ मेरा नया क्षेत्र है, अभी मैं वहां का विधायक नही हूं। फिर भी टेढ़ागाछ को पुल मार्ग से जोड़ने और विद्युतीकरण के लिए एड़ीचोटी एक कर दिया हूं। साथ साफ किया कि दिघलबैंक के लोगो का उन पर कर्ज है, इसलिए नये विधानसभा क्षेत्र के साथ पुराने विधानसभा क्षेत्र का जो कर्ज है,उसे उतारने का प्रयास सदैव जारी रहेगा।
डोहाबाड़ी मदरसा बना राजनीति का अड्डा, शान्ति भंग की आशंका
भूमि विवाद: विवादित जमीन को ले दो गुट आमने-सामने, प्रशासन सतर्क
जिले के कोचाधामन थाना क्षेत्र के डेरामारी पंचायत के कांशीबाड़ी संथाल टोला में वर्षो से जोत-आबाद करते आ रहे आदिवासी की जमीन पर दूसरा गुट ने सोमवार को जबरन टै्रक्टर के साथ जोत दिया । मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी खुर्शीद आलम, एसडीपीओ कामिनी बाला ने मौके पर पहुंच दोनों गुटों को समझाया और विवादास्पद जमीन पर जोत-आबाद करने पर रोक लगा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार काशीबाड़ी संथाल टोला के दर्जनों परिवार बिहार सरकार की जमीन पर वर्षो से खेती करते आ रहे हेैं, जो आदिवासियों के नाम बंदोबस्त न कर पांच किमी दूर डेरामारी के कुछ लोगों के नाम कर दिया गया है। इसकी शिकायत लेकर कांशीबाड़ी के निवासी झापा सोरेन, शिबू सोरेन, प्लाटो हेम्ब्रम, रकाटू हेम्ब्रम आदि ने राजस्व कर्मचारी व बीडीओ किया लेकिन नतीजा नही निकला ।
झापा सोरेन ने बताया कि बंदोबस्ती के लिए हमलोगों से मोटी रकम मांगी गई थी, नहीं देने पर दूसरे गुट के लोगों के नाम पर कर दिया गया। एसडीओ श्री खुर्शीद ने बताया कि आदिवासी वर्षो से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हेैं और दूसरा गुट के नाम से बंदोबस्ती हो गयी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि पांच किमी दूर बंदोवस्ती नहीं होनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जांच कर दोषी कर्मचारी व पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
झीगाकांटा पंचायत में 27 सौ कूपन वितरित : मुखिया
स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के झीगाकांटा पंचायत के अधीन कुल 27 सौ लोगों के बीच कूपन का वितरण किया गया है। प्रत्येक दिन दो वार्ड के लाभुकों के हिसाब से पूरे सप्ताह चौदह वार्डो में कूपन बांटा गया जो मंगलवार को संपन्न हुआ । यह जानकारी झीगाकांटा पंचायत के मुखिया मालती देवी ने पंचायत भवन में दी। उन्होंने बताया कि लाभुकों के बीच बीपीएल व एपीएल कूपन दिये गये हैं। कूपन वितरण में पंचायत सेवक तारकेश्वर दास, वार्ड सदस्य लक्ष्मीप्रसाद सिंह, भवानंद सिंह, चोपनारायण सिंह, सुनील सिंह, माया देवी, पूर्णिमा देवी, सहीरुद्दीन, राजेन्द्र प्रसाद, चमारूलाल, शर्मिला खातून, आसमिन बेगम, बीबी नीलम, मासूमा खातून व महबूब आलम भरपूर सहयोग किया।
पर्यावरण : लुप्त पक्षियों को पसन्द है पोठिया की आबोहवा
गरुड़ और गिद्ध के बाद चमगादड़ भी लुत्फ होने के कगार पर हैं। पोठिया प्रखंड के कई पंचायतों के पुराने पीपल, बरगद तथा कदम के पेड़ों पर हजारों की संख्या में इन्हें देखा जा सकता है लेकिन विडम्बना ही कहा जाय इन चमगादडों के सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किये जाने से खुलेआम इनका शिकार जारी है। विलुप्त छोटे बड़े गरुड़ से लेकर विलुप्त पक्षियों को बसेरा यहां पर है। गिद्ध को भी इस क्षेत्र में देखा जाता है। वैसे गरुड़ों को तो प्रखंड क्षेत्र के दामलबाड़ी, शीतलपुर, जहांगीरपुर, कस्वा-कलियागंज तथा बुढ़नई पंचायतों में आम तौर पर देखा जा सकता है । इसी प्रकार छतरगाछ तथा भोटाथाना पंचायत में कई बार सफेद गिद्ध को देखा गया है। अब इन दो पक्षियों की लुत्फ होने की कारणों पर यदि गौर किया जाय तो पक्षी वैज्ञानिक डा. डी.एन. चौधरी का कहना है कि डायक्लोफेनिक दर्द नाशक दवाई के कारण गिद्ध मरते गये। जानकारी के मुताबिक पशुओं में दर्द हेतु चिकित्सकों द्वारा पानी की तरह इन दवाईयों का प्रयोग पशुओं पर किया गया और इन मरे हुए पशुओं का मांस जब गिद्ध ने खाया तो इसका बुरा प्रभार उन पर पड़ा और धीरे-धीरे गिद्ध हमारे नजरों से ओझल होते गये। यही हाल गरुड़ों का भी है। गरुड़ों का शिकार कर लोग इसे मानव के कई बीमारियों के लिए उपयोग करते रहे, इन तमाम कारणों के साथ सबसे अहम कारण यह भी है कि विशाल वृक्षों का बड़े पैमाने पर सफाया होना जिससे इन पक्षियों के लिए घोंसला बनाकर रहना एवं प्रजनन करना समस्या बन गया। अब यदि चमगादर की बात करें तो ये रात में देखने वाला स्तनधारी पक्षी अंध विश्वासियों का शिकार बनते जा रहे हैं और इसे मारकर मानव के लिए कई बीमारियों में इसका औषधि के रूप में व्यवहार किया जा रहा है। जिससे यह पक्षी भी लुत्फ होने की कगार पर हैं।
Tuesday, October 6, 2009
प्रकृति चुन-चुन कर देती अपराधियों-डकैतों को दण्ड
अपराधी भले कानून से बच जाएं, लेकिन प्रकृति के कानून से नही बच सकता। इस बात का चश्मदीद गवाह है 29 वर्ष पहले कोचाधामन थाना क्षेत्र के बड़ी जान पंचायत स्थित हाजी सेहत अली के घर पर 65 लाख की डकैती। इस घटना में मौत की धमकी मिलने पर परिजन डकैतों को पहचानने से मुकर गए थे लेकिन आज सभी पचीसों डकैतों के घरों में एक भी पूत नही है। कौन कहां है, इसका भी कोई अता-पता नही है। बुजुर्ग-गणों का कहना है कि अधिकांश डकैत मुठभेड़ मारे गए, कई दुर्घटना के शिकार होकर बेमौत मरे और कई का तो आज तक पता नही है कि वे कहां पर हैं। इस संबंध में डकैती का दंश झेल चुके हाजी सेहत अली के पुत्र मुखिया साबिर आलम ने खबर नही बनाने की शर्त पर जानकारी दी कि वे उस समय 10-11 वर्ष के थे। गांव में पांच गन थे। उनके पिता जी के पास भी गन था और सभी गन 1980 के लोकसभा चुनाव को ले थाना में जमा कर लिये गए थे । डकैतों के पास भी गन थे। वे लोग डकैती के दौरान घर रखा 101 कारतूस भी पा गए और उसी से ताबड़तोड़ गोली दाग कर उस समय जमा भीड़ को खदेड़ दिया और सारा सामान जिसकी औसत कीमत उस समय लगभग 65 लाख रुपए था, लेकर चले गए। उन्होंने कहा कि डकैती के दूसरे दिन उन लोगों को केले के पात में भोजन करना पड़ा था।
सूखा से लड़ने की रणनीति,प्रशासन की रूचि नदारद
सूखे से लड़ने के लिए सिंचाई विभाग की योजनाएं आज भी कूड़ेदान वाली तिजोरी में बंद हैं। हालात यह है कि कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमंडल पूर्णिया और बिहार विद्युत परिषद का स्थानीय कार्यालय केवल समय को कट जाने के फेर में हैं जिसे देखने वाला भी कोई नही है। जिले में फेज 11 से पहले 41 राजकीय नलकूपें है जिसमें केवल 22 चालू हालात में हैं। अन्य शेष 19 नलकूपें में से 14 घोर अव्यवस्था के चलते न जाने कितने वर्षों से बंद पड़ी हैं। इन 14 नलकूपों में आठ नलकूपों में डीजल जनसेट है जो 10 कठ्ठा खेत की सिंचाई 14 लीटर में करती है।
मुखिया प्रतिनिधि मजगामा प्रखंड कोचाधामन मु। अताउर बताते है कि फेज -8 के तहत उनके पंचायत में दो, लोहागाड़ा में दो, चोपड़ा बुखारी में दो और बेलवा में दो नलकूप 2004-05 में गाड़े गए थे। चार वर्ष पहले डीजल के मूल्य में बेतहाशा उछाल से किसानों ने फेज आठ के नलकूपों से सिंचाई कार्य बंद कर दिया और बिजली कनेक्शन की मांग की। इधर मांग के तहत नलकूप प्रमंडल द्वारा दो वर्ष से विद्युत कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा डीपीआर की मांग की जा रही है जो तीन अक्टूबर 2009 तक अधर में हैं।
कार्यपालक अभियंता बिहार विद्युत परिषद के सूत्रों का कहना है कि विद्युतीकरण कार्य में बहुत बड़ा घोटाला विभागीय अभियंताओं द्वारा समय-समय पर किया गया है जिसके कारण इस दौैरान पदस्थापित अधिकारी डीपीआर बनवाने के स्थान पर समय पास करना ज्यादा बेहतर समझे। सूत्रों ने बतौर उदाहरण जानकारी दी कि पूर्व में किए गए विद्युतीकरण में कहीं पोल है तो तार नदारद है और कहीं तार-पोल दोनों मौके पर मौजूद नही है। बानगी- हल्दीखोड़ा नलकूप को चालू कराने के लिए सुखा से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश के पहल पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया ।
ट्रांसफार्मर लगाने के लिए मौके पर जब विभागीय पदाधिकारी पहुंचे तो पता चला कि वहां पर आठ पोल और तार भी चाहिए। पहले लगाए गए तार और पोल मौके पर नही है। इसी प्रकार डेरामारी नलकूप को चलाने के लिए नया ट्रांसफार्मर मिल गया है लेकिन मौके पर दो पोल सहित तार चोर ले गए हैं। मस्जिदगढ़ नलकूप को भी चालू करने के लिए ट्रांसफार्मर उपलब्ध है लेकिन मौके पर चार पोल और तार गायब है। दोघरिया नलकूप को चालू करने के लिए भी ट्रांसफार्मर विभाग के मौजूद है लेकिन 14 पोल और तार मौके पर नही है।
इस दौरान केवल ठाकुरगंज प्रखंड के वेसरबाटी पंचायत अन्तर्गत दो नलकूपों में से एक नम्बर की नलकूप को कहीं से तार की व्यवस्था विभाग द्वारा करके नया ट्रांसफार्मर लगा चालू किया गया है। इससे इतर फेज 11 पर नजर डाले तो सूखा से लड़ने के लिए कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमंडल पूर्णिया देवानंद यादव को मुख्यमंत्री नीतीश के पहल पर नाबार्ड द्वारा 232 लाख 50 हजार रुपए 95 नलकूपों को विद्युत कनेक्शन से जोड़ने के लिए उपलब्ध कराया गया है, जो कार्यपालक अभियंता बिहार विद्युत परिषद द्वारा डीपीआर नही उपलब्ध कराने के कारण पेंच में फंसी है।