Wednesday, April 8, 2009

मो. तस्लीमुद्दीन के पास 1.42 लाख है नकद राशि

राजद प्रत्याशी मो। तस्लीमुद्दीन ने जो हलफानामा दर्ज किया है, उसके अनुसार उनके पास मात्र डेढ़ लाख रुपये नकद है, एक लाख 42 हजार पांच सौ पांच रुपये बैंक में जमा है। उनकी पत्‍‌नी के पास मात्र 50 हजार नकद है, जबकि उनके आश्रित शाहनवाज आलम के पास मात्र दो हजार नकद है। मो. तस्लीमुद्दीन के पास एक जिप्सी व एक टोयटा क्वालिस गाड़ी है। डेढ़ लाख रुपये के स्वर्णाभूषण व छह हजार रुपये के रजत आभूषण है।
उनके पास कृषि योग्य कुल 16 एकड़ 22 डिसमिल व उनकी पत्‍‌नी के पास 7।5 डिसमिल जमीन है। दोनों की कुल कीमत साढ़े 12 लाख के करीब है। उनके आश्रित शाहनवाज आलम के पास 14 एकड़ जमीन है जिसकी कीमत आठ लाख 37 हजार रुपये है। उनके पास कृषि योग्य भूमि के अतिरिक्त 13 एकड़ 91 डिसमिल एवं उनके आश्रित शाहनवाज के पास तीन एकड़ 53 डिसमिल जमीन है जिनकी कुल कीमत पांच लाख 94 हजार है।
उनके पास अररिया नगर परिषद वार्ड नगर 28 में व सिसौना में 1430 गुना दो स्वायर फीट का तिमंजिला मकान है। दोनों की कुल कीमत 19 लाख 26 हजार है। जबकि उनकी पत्‍‌नी के नाम से दो मंजिला मकान है जिसकी कीमत चार लाख 41 हजार है। मो. तस्लीमुद्दीन के पास बैंक का 2,37,806 रुपये बकाया है जबकि सरकारी आवास के किराया के मद में सीपीडब्लूडी के पास 13 लाख 31 हजार पांच सौ 17 रुपये का बकाया है। विद्युत विभाग का पांच लाख 42 हजार व टेलीफोन बिल का सात लाख 41 हजार का बकाया है।

प्रधान मंत्री सड़क की मरम्मत नही होने से मतदाता नाराज

जिले में तीन सौ 92 किमी प्रधानमंत्री सड़क बनकर तैयार है, जिसमें कई सड़के जर्जर हो गई हैं। जिनकी मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मतदाताओं द्वारा इन जर्जर सड़कों की तरफ बार-बार शासन, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कराया। लोगों को आश्वासन भी मिला। उसके बाद भी सड़कों के हालात ज्यों की त्यों है।

एनबीसीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके गुप्ता के अनुसार सड़क मरम्मत की राशि बिहार सरकार को उपलब्ध करानी है, जिसका आवंटन आज तक नही किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक आवंटन नहीं होगा, ठेकदार मरम्मत का कार्य शुरू नहीं करेंगे। गौरतलब है कि रहमतपाड़ा-सोन्था सड़क से बोआलदह ग्राम पंचायत को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क पांच वर्ष पहले बनी थी। इसके बनने के बाद से ही मरम्मत की मांग स्थानीय लोगों सहित मुखिया बोआलदह कर रहे हैं।

इसी प्रकार जनताहाट से लोहागाड़ा प्रधानमंत्री सड़क को कटहलबाड़ी में कटाव से बचाने के लिए ईट की दीवार का निर्माण कराया गया था, जो पहली बरसात में ही ढह गया है। सड़क भी कई स्थानों पर टूट-फूट गई है। इसी प्रकार बेलवा से पोठिया, चकला से महीन गांव जाने वाली सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है।

काटने, बांटने और बचाने की लड़ाई में कूदे महारथी

ऊंट किस करवट बैठेगा। ऐसी हालात लोकसभा क्षेत्र किशनगंज में बन गये है। 15वीं लोकसभा में चुनावी बिसात को पार पाने के लिए मतों को काटने, बांटने, तितर-बितर करने और बचाने के लिए तीन पार्टियों के उम्मीदवार तलवार भांज रहे है। विदित हो कि चौदहवीं लोकसभा चुनाव के समय सीधी लड़ाई भाजपा प्रत्याशी सैयद शाहनवाज और राजद के तस्लीम उद्दीन के बीच थी। जिसमें तस्लीमुद्दीन ने चार लाख तीस हजार से अधिक मत प्राप्त करके जीत दर्ज की थी।
इस समय '15वीं लोकसभा चुनाव में' सैयद शाहनवाज और उनकी पार्टी जदयू के उम्मीदवार के साथ हैं। श्री शाहनवाज को गत लोकसभा चुनाव में दो लाख 59 हजार से अधिक मत मिले थे। सनद रहे कि चौदहवीं लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं था। पर 15 वीं लोकसभा चुनाव में कांग्रेसी उम्मीदवार के रूप में मौलाना अशरारुल हक खड़े हैं। अब तीनों दलों के दिग्गज उम्मीदवार राजद के श्री तस्लीम, काग्रेंस के श्री अशरारुल व राजग के श्री अशरफ की निगाह किशनगंज लोकसभा का चुनाव जीत कर दिल्ली पहुंचने की हैं। इनके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ अपने पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कराने में और दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में कम मत पड़े इसके लिए दांवपेंच लगाने में जुटे है। इसके लिए सभी समर्थकों के जनसंपर्क और जोड़ घटाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। अब देखना यह है कि कौन प्रत्याशी अपने पक्षा में कितना अधिक मत डलवा कर दिल्ली पहुंचता है।

जिला में आचार संहिता उल्लंघन के नौ मामले दर्ज

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के साथ ही जिले में ताबड़-तोड़ नौ आचार संहिता के मामले विभिन्न थानों में दर्ज कराया गया। जिसमें जिला प्रशासन ने आधार मीडिया को बनाया है। अब तक चार कांडों का अनुसंधान पूरा कर पुलिस तत्परता दिखाते हुए कोर्ट में अभियोग पत्र दाखिल किया है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 10 मार्च 09 को हिन्दुस्तान अखबार में जिला पदाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक के साथ एक वार्ड आयुक्त के साथ होली के शुभकामनाएं विज्ञापन प्रकाशित होने पर जिला प्रशासन ने टाउन थाना किशनगंज में मुकेश गुप्ता पर आदर्श आचार संहिता का मामला दर्ज कराया गया।

प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत मुकेश गुप्ता ने न्यायालय से वेल पर है। वहीं 13 मार्च 09 को कांग्रेसी विधायक तौसीफ आलम पर आचार संहिता के दो मामला टाउन थाना में दर्ज कराया गया। कारण शहर के दो जगहों पर कटाउट लगाने कारण। इसी दिन पोठिया थाना में राजद के प्रखंड अध्यक्ष द्वारा बैनर लगाकर अगिन्पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने को ले प्राथमिकी दर्ज करायी गइ।

जबकि 14 मार्च 09 को पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह और अज्ञात लोगों के खिलाफ टाउन थाना में आचार संहिता का प्राथमिकी दर्ज करायी गई । जबकि इसी दिन ठाकुरगंज थाना में भी नौशाद आलम पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई। 06 अप्रैल को समारणालय परिसर में मीडिया को संबोधित करने पर जिला निर्वाची पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी फेराक अहमद के निर्देश पर राजद प्रत्याशी व केन्द्रीय राज्यमंत्री तसलीम उद्दीन के खिलाफ आचार संहिता का मामला किशनगंज थाना में दर्ज कराया गया।

इसके अलावा इसी दिन रूईधासा मैदान में आयोजित नामांकन समारोह सह चुनावी सभा के आयोजक जिला राजद के कार्यकारी अध्यक्ष उस्मान गनी पर भी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के के पुल पर कई लाउड स्पीकर लगाने जाने के कारण प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उक्त सभी मामलों का आधार जिला प्रशासन मीडिया को बनाया है।

Tuesday, April 7, 2009

ख़बरों की सुर्खियाँ: अप्रैल 7

वरुण पर लालू आगबबूला - वरुण गांधी द्वारा सम्प्रदाय विशेष के खिलाफ कथित टिप्पणी पर सोमवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद आगबबूला दिखे। कहा कि अगर वे गृह मंत्री होते तो वरुण की छाती पर रोलर चलवा देते।


केन्द्रीय राज्यमंत्री तस्लीमुद्दीन ने भरा नामांकन ... - किशनगंज संसदीय सीट के लिए राजद प्रत्याशी केन्द्रीय राज्यमंत्री मो। तस्लीमुद्दीन ने सोमवार को अपना नामांकन का पर्चा भरा।


विकास की जमीनी सच बनेगी उम्मीदवारों के गले की हड्ड... - किशनगंज। कागजी आकड़ों में विकास के पन्नों पर चाहे जो लिखा जाता हो मगर सरजमीनी सच कुछ और ही बयां करता है।


बागी नेताओं ने उड़ाई दिग्गज उम्मीदवारों की नींद - एक बागी नेता चुनाव मैदान में ताल ठोंककर उतर गए हैं और अन्य बागी नेता उनका साथ दे सकते है।


चौथी बार चुनाव मैदान में कूदे केजरीवाल - 76 वर्षीय विश्वनाथ केजरीवाल ने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र से चौथी बार अपनी उम्मीदवारी दाखिल की है। 1991 में भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे श्री केजरीवाल ने 152075 वोट प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था।

वरुण पर लालू आगबबूला

वरुण गांधी द्वारा सम्प्रदाय विशेष के खिलाफ कथित टिप्पणी पर सोमवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद आगबबूला दिखे। कहा कि अगर वे गृह मंत्री होते तो वरुण की छाती पर रोलर चलवा देते। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए कहा कि सारी बीमारी की जड़ तो कांग्रेस ही है।


लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के साथ स्थानीय रूईधासा मैदान में संयुक्त चुनावी सभा में लालू ने साम्प्रदायिक ताकतों से देश को खतरा बताया। कहा कि साम्प्रदायिक व फासिस्ट ताकतों से लड़ाई को एक चुनौती के रूप में लेने का बीड़ा हमने उठाया है। भाजपा को 'भारत जलाओ' पार्टी करार देते हुए उन्होंने गठबंधन के लिए नीतीश को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री पद के दावेदार आडवाणी के प्रस्तावक है, लेकिन आडवाणी की कुंडली में पीएम का योग नहीं है। यह हमने लालटेन की रोशनी में देख लिया है।


इस अवसर पर रामविलास पासवान ने साम्प्रदायिक ताकतों से देश को खतरा बताते हुए कहा कि भारत एक बगिया है और इसमें सभी तरह के फूल खिलते है। माली वही अच्छा है जो सभी फूलों को सजाये-संवारे। बिहार में लालू-मुलायम-रामविलास के गठबंधन को मजबूत बताते हुए दावा किया कि इस गठबंधन को 134 सीटें मिलेगी और इस चुनाव के बाद बिहार की राजग सरकार छह माह के अंदर गिर जाएगी।

केन्द्रीय राज्यमंत्री तस्लीमुद्दीन ने भरा नामांकन का पर्चा

किशनगंज संसदीय सीट के लिए राजद प्रत्याशी केन्द्रीय राज्यमंत्री मो. तस्लीमुद्दीन ने सोमवार को अपना नामांकन का पर्चा भरा। मो. तस्लीमुद्दीन अपने चार समर्थकों के साथ ग्यारह बजकर पांच मिनट में निर्वाची पदाधिकारी सह जिलाधिकारी फेराक अहमद के समक्ष उपस्थित होकर कई सेटों में अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया। इस संबंध में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने बताया कि छह अप्रैल तक मात्र दो प्रत्याशी विश्वनाथ केजरीवाल व मो. तस्लीमुद्दीन ने अपना पर्चा भरा है।

विकास की जमीनी सच बनेगी उम्मीदवारों के गले की हड्डी

किशनगंज। कागजी आकड़ों में विकास के पन्नों पर चाहे जो लिखा जाता हो मगर सरजमीनी सच कुछ और ही बयां करता है। आज भी टप्पू हाट से सतकौआ पंचायत और लौहागाड़ा पंचायत के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पर चलने से यह दुखद एहसास होता है कि विकास यात्रा के दम पर चुनावी वैतरणी पार करने की चाह रखने वाले प्रत्याशी लोगों को कितना लुभा पायेंगे। दो गिरजा से तालगाछ हटिया तक पहुंचने के लिए बैलगाड़ी या फिर ट्रैक्टर में लोग हिचखोले खाने को विवश हैं।

अर्से बाद तालगाछ टेनुआघाट में सीमेंट पुल तो बना लेकिन एक ही बरसात में एप्रोच के बह जाने से ग्रामीण फिर धोती खोल घाट पार उतरने को विवश है। वहीं लौहागाड़ी आदिवासी टोला के समीप बना पुल झूले की तरह झूल रहा है। दो वर्ष में ही सीमेंट का पुल बीच में धंस गया। लोग कहते हैं कि योजनाओं के बंटवारे व अनुशंसाओं के लिए जितनी तेजी दिखायी जाती रही है अगर वहीं तत्परता कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के प्रति जवाबदेह लोगों की होती तो क्षेत्र का रूप कुछ और ही होता।

बाढ़ व जलजमाव से बदहाल किसान सूखे चेहरे लिए रोजी-रोजगार की तलाश में भटकते रहते है। दिघलबैंक प्रखंड का पश्चिमी इलाका आज भी विकास से कोसों दूर है। वहीं बिचौलियों व विकास कार्यो को अमलीजामा देने वालों की उदासीनता का सच तालगाछ टेनुआघाट का एप्रोज और लौहागाड़ा आदिवासी टोला का झूलता पुल और दो गिरजा से तालगाछ और तालगाछ से लौहागाड़ा को जोड़ने वाली एकमात्र कच्ची सड़क सवाल उठा रहा है।

बागी नेताओं ने उड़ाई दिग्गज उम्मीदवारों की नींद

एक बागी नेता चुनाव मैदान में ताल ठोंककर उतर गए हैं और अन्य बागी नेता उनका साथ दे सकते है। यह सोच-सोचकर दिग्गज उम्मीदवारों की नींद उड़ गई है। दिग्गजों के खेमों में बागी नेता की काट खोजी जा रही है।

लोग एक दूसरे से कह रहे है कि एक वोट समुदाय जिसे दिग्गज नेता अनाथ मान रहे ही चिन्ता है कि ये 'अनाथ' मैदान में किसी को भी पानी पिला सकते है। इधर अनाथों की समस्या है कि उनके घरों की रखवाली करने के लिए कोई दरबान नहीं है। ऐसे में घर के अन्दर घुसकर कोई वोट मे सेंध लगा सकता है। इसलिए ये लोग अपने घर को सुरक्षित रखने के लिए मैदान मारने का विचार छोड़कर दरबान बनने के लिए तैयार बागी को उम्मीदवार को दरबान रखने का मत बना सकते है।

चौथी बार चुनाव मैदान में कूदे केजरीवाल

76 वर्षीय विश्वनाथ केजरीवाल ने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र से चौथी बार अपनी उम्मीदवारी दाखिल की है। 1991 में भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे श्री केजरीवाल ने 152075 वोट प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। यह चुनाव में पड़े कुल वोटों का 28।95 फीसदी मत था। वहीं 1996 के चुनाव में भाजपा से ही वे पार्टी संगठन की बदौलत 216947 मत प्राप्त किये। हालांकि वोट प्रतिशत भी बढ़कर 31।69 फीसदी हो गया परंतु इस बार भी श्री केजरीवाल दूसरे स्थान पर रहे।

इसके बाद 1998 में पार्टी द्वारा सैयद शाहनवाज को मैदान में उतारने के बाद श्री केजरीवाल चुनाव नहीं लड़े। यही हालत 1999 में रही परंतु 2004 के चुनाव में भगवा छोड़ नीला झंडा थाम बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे श्री केजरीवाल 1।87 फीसदी वोटों के साथ 15234 वोट ही प्राप्त कर सके। इस चुनाव में विश्वनाथ केजरीवाल को सिकटी विधानसभा से 2517, जोकीहाट से 2029, बहादुरगंज विधानसभा से 2869, ठाकुरगंज से 3765, किशनगंज में 2574 एवं अमौर से 1480 वोट मिला था।

अब पेशे से अधिवक्ता विश्वनाथ केजरीवाल ने पुन: चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लेकर निर्दलीय पर्चा तो भरा परंतु यह भी सत्य है कि भाजपा की टिकट पर इस अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र से श्री केजरीवाल ने तब चुनाव लड़ा था जब यहां उम्मीदवारों का टोटा लगा रहता था। अब श्री केजरीवाल की उम्मीदवारी विक्षुब्ध भाजपाईयों को रीझा पाती है या नहीं यह तो समय बतायेगा परंतु अपनी उम्मीदवारी दाखिल कर केजरीवाल ने अपना पता तो खोल ही दिया है।

छह दशक बाद भी नाव की सवारी बनी नियति

पड़लाबाड़ी पंचायत वासियों को आजादी के 61 वर्ष बाद भी नाव की सवारी करना मजबूरी हो गयी है। जनप्रतिनिधि पुल बनाने का वादा प्रत्येक चुनावी महापर्व में करते है और फिर पांच वर्षो तक इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं होता है। नतीजे के तौर पर 365 दिन आने जाने के लिए नाव ही सहारा होता है। किशनगंज संसदीय क्षेत्र के पोठिया प्रखंड अंतर्गत पड़लाबाड़ी पंचायत प्रखंड मुख्यालय से 20 किमी की दूरी पर स्थित है।

दोनों ही मुख्यालयों तक जाने आने के लिए पंचायत वासियों को डोंक तथा रमजान नहर पार करना पड़ता है। बरसात के मौसम में इन्हे जान हथैली पर रखकर घर से निकलना पड़ता है। इतना ही नहीं पंचायत क्षेत्र के एक भी सड़कों की हालत ठीक नहीं है। स्थानीय ग्राम वासियों के मुताबिक चुनाव के समय सभी राजनैतिक दल के नेता हमलोगों से डोक नदी पर पुल बनाये जाने के वादा करके वोट लेकर चले जाते है लेकिन पांच साल के दौरान इनका दर्शन तक दुर्लभ हो जाता है। हरिजन टोला, पड़लाबाड़ी, मोहवार, कालासिघिंया, नयाबस्ती के किसानों ने बताया कि पुल व सड़कों के कारण हमें फसलों को घर पर ही औने पौने दामों में बेचकर सलटा लेना पड़ता है।

वायदों के बावजूद आज तक नहीं बना मेची नदी पर पुल

आश्वासनों के बावजूद गलगलिया (भारत) एवं भद्रपुर (नेपाल) के बीच मेची नदी पर पुल निर्माण की योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। हालांकि योजना आयोग की टीम के स्थल निरीक्षण के बाद लोगों के मन में पुल निर्माण की आस जगी थी। लेकिन दल के दौरे के तीन वर्ष बीत गये हैं और इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

इस पुल के निर्माण के लिए पिछले एक दशक से स्थानीय नागरिक संघर्षरत हैं। इसी संघर्ष के कारण नेपाल में भारत के राजदूत श्याम शरण ने 16 दिसम्बर, 2003 को भद्रपुर दौरे के दौरान पुल निर्माण स्थल का निरीक्षण कर इसकी आवश्यकता पर बल दिया था। सांसद तस्लीमुद्दीन के प्रयास से 31 जुलाई, 2005 को योजना आयोग की टीम ने भी गलगलिया स्थित मेची घाट का दौरा कर एक रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी। परंतु पुल निर्माण की योजना आज तक आगे नहीं बढ़ पाई।

पुल नहीं बनने से ऊपजी स्थानीय नागरिकों की पीड़ा को मेंची नदी पर बना चचरी पुल थोड़ा कम जरूर कर देता है, परंतु नेपाल स्थित भद्रपुर नगर पालिका के नियंत्रण वाले इस चचरी पुल पर मनमाना टैक्स वसूली लोगों को आक्रोशित कर रहा है। एक दशक पूर्व भद्रपुर के रसूख वाले नागरिकों द्वारा जनसेवा के नाम पर पुल बनाने का सिलसिला वर्तमान में भद्रपुर नगरपालिका के बड़े आय का स्रोत है। जानकारों के अनुसार इस वर्ष इस चचरी पुल के लिए भारतीय मुद्रा में 2।25 लाख में नीलामी हुई है।

आगामी चुनाव में जनहित से जुड़ा यह मुद्दा फिर वायदे की शक्ल में सामने है। लेकिन पिछले वायदों के पूरे नहीं होने से आहत जनता विश्वास के मूड में नहीं।

Thursday, April 2, 2009

ख़बरों की सुर्खियाँ: अप्रैल 2

शांतिपूर्ण ढंग से होगा आज से नामांकन,तैयारी पूर्ण ... - दो अप्रैल से किशनगंज संसदीय सीट के लिए होने वाली नामांकन प्रक्रिया को पूर्णत: निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण बनाये रखने के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है।

सिकन्दर और विश्वनाथ चुनाव मैदान में कूदने को तैयार... - लोक सभा चुनाव को ले जहां राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियां पूरे जोश खरोश के साथ चुनाव मैदान में हैं, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी भी पूरे दम खम के साथ दो- दो हाथ करने को तैयार हैं।

गुरु जी ने दिया पूर्णाक से सात अंक अधिक - पंचायत शिक्षक और प्रखंड शिक्षकों में अधिकांश अभिभावकों के लिए सिरदर्द बनेंगे। यह बात नेता जी कहिन।

ठाकुरगंज विधानसभा के वोटरों पर गड़ी राजद की निगाह - ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र के निवासी सह कांग्रेस पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी डा। जावेद आजाद के गृह क्षेत्र और जदयू विधायक के खेमे से 2004 में मिले वोटों को सुरक्षित करने की रणनीति पर राजद की निगाह गड़ी है।


दीवार की तरह खड़ी है गरीबी उन्मूलन में मंहगी न्याय ... - सरपंचों की माने तो गरीबी उन्मूलन में चीन की दीवार की तरह खड़ी है मंहगी न्याय व्यवस्था,जिसके कारण गरीब शोषण को सहकर प्राथमिकी दर्ज कराने नही जाते और जाते है तो उन्हे गवाह नही मिलते और मिलते है तो वो न्यायालय में पलट जाते है।


प्रखंड प्रमुख के लिए चुनाव की तिथि 15 अप्रैल निर्ध... - प्रखंड प्रमुख के चुनाव की तिथि 15 अप्रैल बुधवार को निर्धारित की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के पत्रांक 30-175/2009-605 दिनांक 30 मार्च 09 के तहत यह तिथि तय की गयी है।


हाथी के दांत के साथ दो तस्कर गिरफ्तार - भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 36 वीं बटालियन के जवानों ने बुधवार की संध्या तस्करी के लिए नेपाल भेजे जा रहे दो हाथी के दांत के साथ दो तस्कर को दबोचने में सफलता पाई है।

शांतिपूर्ण ढंग से होगा आज से नामांकन,तैयारी पूर्ण : डीएम

दो अप्रैल से किशनगंज संसदीय सीट के लिए होने वाली नामांकन प्रक्रिया को पूर्णत: निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण बनाये रखने के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। पल -पल की होगी वीडियाग्राफी, धनबलियों एवं बाहुबलियों के बढ़ते वर्चस्व पर होगी प्रशासन की कड़ी नजर। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई। यह जानकारी जिला पदाधिकारी फेराक अहमद ने दी।
श्री अहमद ने एक अप्रैल को पत्रकारों को बताया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए है। पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। निर्वाचन आयोग निर्देशों का होगा शत प्रतिशत अनुपालन। श्री अहमद ने यह भी बताया कि सेक्टर आफिसर्स का चयन कर लिया गया है। उनपर निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण बनाये रखने की पूरी जिम्मेवारी होगी।
वे प्रबंधन एवं कार्यान्वयन दोनों के प्रभारी होंगे। उन्हे उनके उत्तरदायित्वों से अवगत कराने हेतु पांच अप्रैल को निर्वाची पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारी की उपस्थिति में गहन प्रशिक्षण दिया जायेगा।

सिकन्दर और विश्वनाथ चुनाव मैदान में कूदने को तैयार

लोक सभा चुनाव को ले जहां राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियां पूरे जोश खरोश के साथ चुनाव मैदान में हैं, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी भी पूरे दम खम के साथ दो- दो हाथ करने को तैयार हैं। अभी तक के उभरे परिदृश्य में राजद लोजपा गठबंधन के उम्मीदवार केन्द्रीय राज्यमंत्री तस्लीमुद्दीन, राजग गठबंधन से जद यू के सैयद महमूद अशरफ ,कांग्रेस के डा।जावेद, बसपा के जुबेर आलम व राष्ट्रीय देहात मोर्चा के शकील अख्तर राही चुनावी अखाड़ा में कूद चुके हैं। राष्ट्रीय पार्टियों के अलावे निर्दलीय प्रत्याशियों में पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह पूरे जोश-खरोश के साथ मैदान में कूदने की तैयारी कर रहे है।


हालांकि श्री सिंह पिछले दिनों पटना में राष्ट्र सेवा दल मेंशामिल होकर किशनगंज से चुनाव लड़ने की बात कही थी लेकिन अब उनके समर्थकों का कहना है कि वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ही मैदान में कूदेंगे। श्री सिंह के अलावे किशनगंज से चार बार अपना भाग्य आजमा चुके विश्वनाथ केजरीवाल समेत दो युवा एवं एक बुजुर्ग नेता के भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में कूदने की संभावना है। इसके अलावे दो अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद ही अन्य संभावित प्रत्याशियों के नामों का खुलासा हो पायेगा।

गुरु जी ने दिया पूर्णाक से सात अंक अधिक

पंचायत शिक्षक और प्रखंड शिक्षकों में अधिकांश अभिभावकों के लिए सिरदर्द बनेंगे। यह बात नेता जी कहिन। हुआ यह कि एक संकुल केन्द्र में परीक्षार्थियों की कापी का मूल्यांकन करते समय शिक्षकों द्वारा पूर्णाक से सात अंक अधिक देने और विभाग द्वारा छिपाने की बात एक कान से एक दूसरे कान और फिर अभिभावकों से होते हुए नेता जी तक पहुंच गई।

इसी समय उस सुदूरवर्ती प्रखंड में वोट मांगने गए नेता जी ने कहा कि प्रखंड और पंचायत नियोजन समितियों से चयनित और अंक के आधार पर चयनित मेधावी शिक्षक-अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के पहले अक्षर ज्ञान और अंकगणित की परीक्षा ली गई होती तो यह नौबत नही आती। सांस भरकर उन्होंने कहा कि केवल अंक के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति करके आज के बच्चों के साथ गद्दारी की गई है। बडे़ बाप के बेटे इस निर्णय से नहीं प्रभावित होंगे,लेकिन छह लाख से अधिक वीपीएल वोटरों के बच्चे कक्षा पांच के बाद आगे की पढ़ाई नही कर पाएंगे।

ठाकुरगंज विधानसभा के वोटरों पर गड़ी राजद की निगाह

ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र के निवासी सह कांग्रेस पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी डा। जावेद आजाद के गृह क्षेत्र और जदयू विधायक के खेमे से 2004 में मिले वोटों को सुरक्षित करने की रणनीति पर राजद की निगाह गड़ी है। ठाकुरगंज प्रखंड मुख्यालय और पोठिया प्रखंड में पांच बैठकों से यह संदेश मिल रहा है।

गौरतलब है कि परिसीमन के पहले ठाकुरगंज विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या दो लाख 28 हजार आठ सौ 68 और ग्राम पंचायतों की संख्या 44 थी। जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या एक लाख 19 हजार सात सौ 31 और पुरुष मतदाताओं की संख्या एक लाख नौ हजार एक सौ 37 है। सनद रहे है कि गत लोकसभा चुनाव में वर्तमान जदयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल और कांग्रेस प्रत्याशी डा। आजाद राजद प्रत्याशी के साथ खड़े थे।

इस समय दोनों ही साथ नहीं है। एक स्वयं प्रत्याशी है और दूसरे जदयू प्रत्याशी के साथ। इसे चुनौती मानते हुए राजद ने अपने पुराने वोटरों को गोलबंद करने के लिए ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र में चाक-चौबन्द व्यवस्था करके राजग और कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

दीवार की तरह खड़ी है गरीबी उन्मूलन में मंहगी न्याय व्यवस्था

सरपंचों की माने तो गरीबी उन्मूलन में चीन की दीवार की तरह खड़ी है मंहगी न्याय व्यवस्था,जिसके कारण गरीब शोषण को सहकर प्राथमिकी दर्ज कराने नही जाते और जाते है तो उन्हे गवाह नही मिलते और मिलते है तो वो न्यायालय में पलट जाते है। सरपंचों की राय है कि गरीबों को सुलभ न्याय दिलाने के लिए ''चलन्त लोक अदालत या ग्राम अदालत के स्थान'' पर सरपंच अदालत को मजबूत करने वाला विल लोकसभा में पारित कराना चाहिए।

न्यायमित्रों और कचहरी सचिवों को मानदेय को ले डीएम से मिलने आए सरपंचों ने बताया कि वीपीएल परिवारों में वोट डालने को ले सबसे अधिक उत्सुकता होती है। विडम्बना ही है कि इसी तबके की बात लोकसभा में संासद जी नहीं उठाते। एक मुंह से सरपंचों ने कहा कि लोकसभा में विल पारित करके 'एफआईआर' की तफ्तीश करने का अधिकार घटना क्षेत्र के सरपंच और पंचों के बहुमत पर छोड़ देना चाहिए,जैसा कि अमेरिका में ''जूरी'' को है।

इससे सभी को त्वरित न्याय मिलेगा और गरीबों को गवाह खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरपंचों ने कहा कि जो सांसद प्रत्याशी लोकसभा में इस प्रकार का विल लाने के लिए वादा करेगे,सरपंच संघ उन्हीं को वोट डालने के लिए गरीब मतदाताओं को प्रेरित करेगे।

प्रखंड प्रमुख के लिए चुनाव की तिथि 15 अप्रैल निर्धारित

प्रखंड प्रमुख के चुनाव की तिथि 15 अप्रैल बुधवार को निर्धारित की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के पत्रांक 30-175/2009-605 दिनांक 30 मार्च 09 के तहत यह तिथि तय की गयी है। आयोग ने इसके लिए आठ अप्रैल से पूर्व संबंधित सदस्यों को बैठक की सूचना देने को कहा है। साथ ही चुनाव के लिए वरीय पदाधिकारी को चुनाव पर्यवेक्षक प्रतिनियुक्त करने का भी निर्देश आयोग ने जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि 25 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव में प्रमुख आजरा खातून 17-0 से गिर गयी। इसके बाद चुनाव आयोग ने नए प्रमुख के चुनाव के लिए तिथि 15 अप्रैल मुकर्रर की है। नियमत: यह बैठक एसडीओ की अध्यक्षता में होनी है, जिसके लिए बैठक की सूचना भी उन्हीं को निकालनी है। बहरहाल प्रमुख पद के लिए चुनाव की तिथि निर्धारित हो जाने से एक बार फिर पंचायत समिति सदस्यों में हलचल आरंभ हो गई है।

हाथी के दांत के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 36 वीं बटालियन के जवानों ने बुधवार की संध्या तस्करी के लिए नेपाल भेजे जा रहे दो हाथी के दांत के साथ दो तस्कर को दबोचने में सफलता पाई है। इस बात की जानकारी 36 वीं बटालियन के उपसेनानायक ए।क। ठाकुर ने दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बोगाई गांव का रहने राजू राय एवं राजीव मिश्रा बोगाई गांव से ही दो पीस हाथी के दांत तस्करी के नियत से नेपाल से जा रहे थे।

इस बात की गुप्त सूचना एसएसबी कदुमनी जोत बीओपी के जवानों को मिली। सूचना मिलते ही जवानों ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी जिससे दो व्यक्ति की गिरफ्तारी संभव हो पाई। जब्त सामान को कस्टम को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। जब्त हाथी के दांत की कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है।