Tuesday, June 9, 2009

खनियावाद पंचायत नरेगा के योजनाओं से वंचित

प्रखंड क्षेत्र के 30 प्रतिशत पंचायत समिति योजनाओं पर कार्य शुरू है। वहीं खनियावाद पंचायत समिति क्षेत्र नरेगा योजना से वंचित है। प्रखंड प्रमुख इस्माइल आजाद ने जागरण को बातचीत के क्रम में बताया कि सरकारी आदेशानुसार बरसात के मद्देनजर 14 जून तक नरेगा सहित विभिन्न योजनाओं को पूर्ण करना अति आवश्यक है। खनियावाद पंचायत को छोड़ सभी 16 समिति क्षेत्रों में युद्धस्तर पर कार्य जारी है।

खनियावाद पंचायत समिति क्षेत्र संख्या एक के सदस्य भोला हरिजन ने बताया कि मेरे क्षेत्र में वर्ष 2006/07 के बाद आजतक एक भी योजना नहीं दिया गया। मेरे क्षेत्र को योजनाओं से वंचित रखा गया है जबकि हरिजन क्षेत्र खनियावाद पंचायत आदर्श पंचायत के श्रेणी में आता है। उन्हाेंने योजनाओं के क्रियान्वयन पर भारी अनियमितता का आरोप लगाया है।

प्रखंड कार्यालय सूत्रों के मुताबिक पंचायत समिति क्षेत्र के सदस्यों को योजनाओं के समायोजन के लिए प्रखंड कार्यालय से बार बार नोटिस दिया गया परंतु क्षेत्र के एक सदस्य ने अपनी योजनाओं का ब्योरा कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराया। बहरहाल जो भी हो सभी सदस्यों की आपसी द्वेष भावना के कारण शिथिलता से कई योजना रुका है। कई क्षेत्रों में समय पर मजदूरों के भुगतान के मापदंड के कारण रुक रुक कर कार्य हो रहा है। कहीं भी प्राक्कलन पट नहीं लगाया गया है।

नरेगा : सड़कों के निर्माण तक सीमित

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी येाजना प्रखंड में सड़कों के निर्माण तक ही सीमित रह गई। योजना लागू होने के बाद से करोड़ों रुपये खर्च हो गए लेकिन नरेका को कार्यान्वयन करने वाले लोग इसे वृहद बना पाने में असफल साबित हुए हैं। वृक्षारोपण, जल संरक्षण जैसे कार्य कभी भी प्राथमिकता नहीं बन पाए।

हालांकि जल संरक्षण के नाम पर इक्का दुक्का ही तालाबों का निर्माण हुआ परंतु आज तक वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण कामों पर प्रशासनिक मामले की नजर नहीं पड़ी। पर्याप्त राशि की उपलब्धता के बावजूद नरेगा के कार्यान्वयन करने वालों के एजेंडे में हरियाली का न जुड़ना भी कई सवाल खड़े करता है। इस योजना के प्रारंभ में सरकार ने जल संरक्षण, भूमि संरक्षण, रोजगार सृजन के साथ ही साथ पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही थी।

लेकिन प्रखंड में नरेगा योजना मुख्य रूप से सड़कों के निर्माण का कार्य बन कर रह गया। पर्यावरण को बेहतर बनाने की कोशिश नहीं होने से नरेगा जैसे महत्वपूर्ण योजना मजाक बनकर रह गई है। प्रखंड में हालत यह है कि चाहे पंचायतों को मिलने वाली राशि हो या पंचायत समिति द्वारा होने वाले कार्य या जिला परिषद, विधायक या सांसद सभी का जोर सड़कों पर है।

मुख्यमंत्री सड़क योजना एवं प्रधानमंत्री सड़क योजना जैसे कार्य तो हैं ही यानी सभी का जोर सड़कों पर है। इस कारण पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य बेकफूट पर चले गये हैं। क्षेत्रीय नागरिक प्रो। दिलीप यादव की यदि मानें तो नरेगा रोजगार पैदा करने की नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए दुनिया की सबसे बड़ी योजना साबित हो सकती है। यदि इसमे परंपरागत जल स्त्रोतों के संरक्षण से लेकर, वृक्षारोपण तक शामिल कर लिया जाय लेकिन प्रखंड में नरेगा पैसा खर्च करने की योजना बन गई है।

भूमिहीन स्कूलों को जमीन उपलब्ध कराने की चुनौती

प्रखंड के क्षेत्र में भवनहीन व भूमिहीन कुल 15 विद्यालयों के लिए जमीन अधिग्रहण करने में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों रूचि लेन मुनासिब ही नहीं समझते है। चालू वित्तीय वर्ष में इन विद्यालयों को जमीन उपलब्ध कराने की चुनौती है। कई जगहों में भूमि दानकर्ता समाने आने के बावजूद टेकनिकल प्रोबलेम सामने खड़ा हो जाता है।

जैसे लौहागाड़ा पंचायत के नव सृजित प्राथमिक विद्यालय वृंदावन और लक्ष्मीपुर पंचायत के नव सृजित प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर आदिवासी टोला के भूमि दानकर्ता तैयार है लेकिन बिहार सरकार, सिलिंग की जमीन होने के कारण शिक्षा विभाग तैयार नहीं हो रहे है। परिणाम स्वरूप शिक्षा सरकार की मंशा है गरीब आदिवासी छात्र-छात्राएं स्कूल से जुड़े । लेकिन भवन व उपस्कर नहीं होने के कारण चट्टी बिछाकर पढ़ने को विवश है। जबकि बारिश के दिनों में छात्रों के साथ-साथ शिक्षक भी भींगते है।

भले मडेया, टीना सेट कामचलाउ फिलहाल बना दिया गया है पर बरसात के दिनों में यह उपयुक्त नहीं है। परिणाम स्वरूप बरसात के दिन में पठन-पठन बाधित रहती है। लक्ष्मीपुर पंचायत के मुखिया अखिलेसूर रहमान, लौहागाड़ा पंचायत के मुखिया बहार अली, सरपंच विपीन मोहन यादव इस दिशा में पहल भी किया था। लेकिन आदिवासी टोला में विद्यालय होने के कारण, भूमि दानकर्ता के पास सिलिंग, बासकीत पर्चा, बिहार सरकार की जमीन होने के कारण शिक्षा विभाग के पदाधिकारी अधिग्रहण करने में आना-कानी कर रहे है।

विद्यालय खोल दो वर्ष होने को है मगर इन स्कूलों की तस्वीर नहीं बदली। इस संबंध में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी ने माना कि अभी भी 15 ऐसे नवसृचित प्राथमिक विद्यालय है, जहां भवन और भूमि उपलब्ध नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि पांच विद्यालयों के भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा होने को है।

कई विद्यालयों में मध्याह्नं भोजन बंद

प्रखंड क्षेत्र के कई विद्यालय एवं मदरसों में मध्याह्न भोजन बंद रहने के कारण छात्रों की संख्या में निरंतर कमी आ रही है। यही हाल प्राय: सभी मदरसों में देखा जा रहा है। खनियावाद पंचायत के मुखिया अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि मध्य विद्यालय फतेहपुर फतेहपुर एवं प्राथमिक विद्यालय लालपानी में मध्याह्न भोजन बंद है। बार बार कहने पर भी शिक्षक अनदेखा करते हैं।

चिल्हनिया पंचायत के मुखिया उदयानंद भी मध्याह्न भोजन बंद रहने की शिकायत करते हुए जागरण के एक पत्रकार को बताया कि प्राथमिक विद्यालय घनीफुलसरा एवं नया प्राथमिक विद्यालय ढेबरी में मध्याह्न भोजन बंद है। वहीं हवाकोल पंचायत के मुखिया मंगल लाल माझी ने बताया कि मध्य विद्यालय बगुलाहागी, मध्य विद्यालय हवाकोल तथा मध्य विद्यालय खजुरबाड़ी में भी मध्याह्न भोजन बंद है।

प्रधानाध्यापक के कहने के उपरांत भी कोई सुनवाई नहीं करता। यही हाल कालपीर पंचायत के विद्यालयों का है। कालपीर पंचायत के मुखिया सुभाषचंद पंडित ने बताया कि नया प्राथमिक विद्यालय वैसाटोली और प्राथमिक विद्यालय भेलागुड़ी में मध्याह्न भोजन बंद रहने के कारण बच्चों की संख्या में काफी कमी हो रही है। जबकि प्राथमिक विद्यालय कंचनबाड़ी में एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन चालू है।

यहां के कुछ बुद्धिजीवियों का मानना है कि अगर यही हाल रहा तो धीरे धीरे शिक्षा के स्तर में गिरावट होना स्वाभाविक है। शिक्षक अपने उत्तरदायी क‌र्त्तव्य से विमुख हो रहे हैं। सरकार के लाख प्रयास के बावजूद विभागीय अधिकारियों के उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी है।

जमीन का अभाव : पेड़ के नीचे होती है पढ़ाई

बिहार शिक्षा परियोजना एवं प्रशासनिक उदासीनता के कारण प्राथमिक विद्यालय प्रखंड क्षेत्र में आदिकाल गुरुकुल की परंपरा निभा रही है। ढवेली पंचायत के नया प्राथमिक विद्यालय एवं पोखरिया प्रा। विद्यालय के छात्र जमीन के अभाव में पेड़ के नीचे पढ़ाई होती है। यही हाल प्रखंड क्षेत्र के प्राय: सभी नया प्राथमिक विद्यालयों का भी है।
रविवार को मुखिया संघ के अध्यक्ष सह मुखिया कालपीर पंचायत सुभाष चंद पंडित ने जागरण से बातचीत के क्रम में बताया कि नया प्राथमिक विद्यालय दक्षिण टोला एवं नया प्रा। विद्यालय नया टोला बीबीगंज में ग्रामीणों के सहयोग से बांस एवं टीन का चाल बना कर बच्चों को शिक्षा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन के लिए जमीन उपलब्ध कर लिया गया है परंतु जमीन रजिस्ट्री शुल्क की कमी के कारण अभी तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
नया प्रा. विद्यालय उस्मानटोला दुबरी बस्ती के प्रधानाध्यापिका सुमन कुमारी गुप्ता विद्यालय भवन के निबंधन के लिए प्रयास रत है। कमोवेश सभी नया प्राथमिक विद्यालय अपनी पहचान के लिए भूमि तलाश रहा है वहीं शिक्षक विद्यालय के कागजात झोला में लेकर चलते हैं अब सवाल उठता है कि बरसात में इन विद्यालयों के छात्रों का पठन पाठन कैसे संभव होगा।

Friday, June 5, 2009

प्रतिनियोजन से पड़ रहा पढ़ाई पर असर

शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है। पिछले कई माह से आदर्श मध्य विद्यालय ठाकुरगंज के तीन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति विभिन्न स्थलों पर कर दिये जाने के कारण विद्यालय के कक्षा छह के छात्र विज्ञान तो कक्षा 7 के छात्र गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई से वंचित हैं। छह, सात व आठ सभी वर्गो में संस्कृत की पढ़ाई बाधित है। इन विषयों की पढ़ाई बंद होने की बात विद्यालय के प्रधान शिक्षक स्वीकार करते हैं।
वहीं छात्राएं आक्रोशित हो अपने भविष्य के प्रति चिंतित हैं। कक्षा छह की छात्रा गजाला प्रवीण, सवाना आजमी, अंजीला खातून आदि छात्राओं ने बताया कि उनके वर्ग में पिछले डेढ़ माह से विज्ञान एवं हिन्दी की पढ़ाई नहीं होती, वहीं कक्षा सात की छात्राएं साक्षी, रीतू के अनुसार उनके क्लास में गणित पिछले डेढ़ माह से तो संस्कृत पिछले 15 दिनों से पढ़ाई नहीं हो रही है। प्रधान शिक्षक प्रभा शंकर सिंह के अनुसार विद्यालय के एक शिक्षक पवन देव शर्मा द्वितीय चरण के शिक्षक नियोजन कार्य हेतु नवम्बर माह से ही डीएससी कार्यालय में प्रतिनियुक्त हैं।
वहीं विद्यालय के दो शिक्षक प्रखंड निर्वाचित कोषांग में पिछले कई माह से प्रतिनियुक्त हैं। विद्यालय सूत्रों के अनुसार 2007 से अभी तक लगभग 620 दिन इन दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति निर्वाचन कोषांग में रही। अब सवाल उठता है कि निर्वाचन कोषांग में ऐसे क्या कार्य है जो इनकी प्रतिनियुक्ति वहां 22 जनवरी 07 से 4 जून 07 तक 134 दिन, 22 दिसम्बर 07 से 9 जून 08 तक 201 दिन, 19 अगस्त 08 से आज तक 268 दिनों के लिए हुई।
वहीं विरानगच्छ नया प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक की बीपीएल कार्य में प्रतिनियुक्त के कारण एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति वहां हो गई। जिस कारण संस्कृत की पढ़ाई बाधित है। वहीं आक्रोशित छात्राओं ने अब तक नये सत्र की किताबों का वितरण तक नहीं होने की बात कहीं। अब सवाल उठता है कि सरकार छात्रों को शिक्षा प्रदान करने हेतु कई तरह के दावे रोज कर रही है। फिर निचले स्तर के पदाधिकारी क्यों प्रतिनियुक्ति के नाम पर शिक्षकों को विद्यालय से बाहर रख छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक ने दूरभाष पर बताया कि जल्द ही छात्रों को किताबें दे दी जाएगी। वहीं शिक्षकों के प्रतिनियोजन के मामले में छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार के समझौता नहीं होगा कहते हुए श्री शर्मा ने कहा कि जल्द ही प्रतिनियोजन रद्द कर सभी शिक्षकों को मूल विद्यालय भेज दिया जाएगा।

Thursday, June 4, 2009

अख्तरूल इस्लाम ने फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली

एम एच आजाद नेशनल इंटर कालेज के व्याख्याता ने अपने निवास स्थान बेहबुलडांगी में फांसी लगा दिया। पुलिस ने मृतक के भाई के लिखित सूचना पर अप्राकृतिक मौत अंकित किया है। ठाकुरगंज प्रखंड के एम एच आजाद इंटर कालेज में गणित व्याख्याता मो। अख्तरूल इस्लाम उर्फ पप्पू उम्र 38 वर्ष ने अपने निवास बेहबुल डांगी में बुधवार को फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली।

श्री पप्पू ने जीविकोपार्जन हेतु निजी विद्यालय सेंट चाइल्ड इंगलिश स्कूल मस्जिद रोड ठाकुरगंज में निदेशक के रूप में काफी ख्याति प्राप्त किया था। फांसी की सूचना पाते ही थानाध्यक्ष ठाकुरगंज मितेश कुमार तत्क्षण घटना स्थल पर पहुंच लाश को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के हेतु किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष ने मृतक व्याख्यता के भाई की लिखित आवेदन के आलोक में ठाकुरगंज थाना यूडी कांड संख्या 19 दिनांक 3।6.09 दर्ज किया है।

पल्स पोलियो के लिए अठारह सौ छात्राओं की व्यवस्था बैंक की ओर से : डीएम

पल्स पोलियो योजनान्तर्गत जिले में पल्स पोलियो कार्यक्रम से जुड़े आंगनबाड़ी समेत सभी कर्मियों के लिए 1800 छात्राओं की व्यवस्था जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न बैंकों की ओर से किया जायेगा। यह जानकारी जिलाधिकारी फेराक अहमद ने दी। श्री अहमद बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक श्रीनिवास मिश्रा ने 500 छात्रा बैंक की ओर से देने का वादा किया।

शेष्ज्ञ 1300 छात्राओं की व्यवस्था जिला मुख्यालय स्थित अन्य बैंकों की ओर से की जायेगी। उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो कार्यक्रम राष्ट्रीय महत्व का एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है इसमें बैंकों की सहभागिता हो, इस हेतु उन्होंने 9 जुलाई को बैंकों की एक बैठक बुलाई है। उन्होंने बताया कि किशनगंज बिहार का पहला जिला होगा जहां यह व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि एक छात्रा का मूल्य है साठ रुपये।

स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में पचास अप्रवासी भारतीयों ने खाता खोले

भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में अब अप्रवासी भारतीय भी खाता खोलने लगे हैं खाता खोलने के लिए इन भारतीय प्रवासियों का किशनगंज नहीं आना पड़ता है। वे जहां कार्यरत हैं वहीं के बैंकों के माध्यम से अब सारे आवश्यक कागजात एवं हस्ताक्षर भेज देते हैं। उनका यहां खाता खुल जाता है। मुख्य प्रबंधक श्री निवास मिश्रा ने बताया कि जितने अप्रवासी भारतीयों ने किशनगंज की शाखा में अपने एकाउन्ट खोले हैं वे सभी के सभी खाड़ी देशों में कार्यरत हैं एवं शतप्रतिशत खाता धारी मुसलमान हैं। उनके खाता में अच्छी राशि भी जमा है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों अथवा अन्य देशों में कार्यरत अप्रवासी भारतीयों को किशनगंज की बैंक की शाखा में एकाउन्ट खोलने के लिए जानकारी एवं प्रोत्साहन देने के लिए वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिविर लगायेंगे एवं उन्हें आवश्यक जानकारी देंगे।

एटीएम कार्डधारियों की परेशानियां चरम पर

एटीएम कार्डधारियों की समस्या चरम पर। एक एक कार्डधारी को एटीएम से रुपया निकालने के लिए घंटों इंतजार करना होता है। इसके बावजूद उनकी परेशानियां कम नहीं होती। रात के दस बजे पहुंचे या सुबह छह बजे, एटीएम कार्डधारियों की लम्बी कतार खड़ी दिखाई पड़ती है। दर्जनों कार्डधारियों जिनमें प्रमुख हैं प्रो। भुवनेश्वर प्रसाद ने बताया कि एटीएम से पैसा निकालना वस्तुत: बहुत दुरुह कार्य है।

एक अन्य कार्डधारी ने बताया कि सुबह 6 बजे के पहले एटीएम खुलता ही नहीं है जिले में लगभग एक दर्जन बैंक है और लगभग सभी बैंकों ने अपने खाताधारियों को एटीएम कार्ड सुलभ करा दिया है जबकि जिला मुख्यालय में एक गांधी चौक पर मुख्य शाखा के नीचे एवं एक एमजीएम मेडिकल कालेज परिसर में। इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्य शाखा प्रबंधक श्री निवास मिश्रा ने बताया कि एटीएम के दो केन्द्र और खुलेंगे एक समाहरणायल परिसर में दूसरा स्टेट बैंक की एक नई शाखा के साथ कैलटैक्स चौक पर।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उन दोनों केन्द्रों के खुल जाने से समस्याओं का समाधान हो जायेगा। उन्होंने बताया कि सिर्फ स्टेट बैंक ने एटीएम खोल रखा है। किसी दूसरी बैंक का एटीएम केन्द्र यहां नहीं है जिसके कारण सभी बैंकों के एटीएम कार्डधारियों का भार स्टेट बैंक के एटीएम केन्द्रों को भुगतना होता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन इन एटीएम केन्द्रों से डेढ़ से दो करोड़ रुपये की निकासी होती है।

पीएचईडी विभाग द्वारा बने शौचालय अभी भी स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द नहीं

नव निर्मित शौचालय की दीवार ठाकुरगंज प्रा। स्वा। केन्द्र में फटने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि लोक स्वास्थ्य अभिकरण विभाग द्वारा निर्मित शौचालय सुपुर्द नहीं किया गया है। ठाकुरगंज प्रा। स्वा. केन्द्र परिसर में लोक स्वास्थ्य अभिकरण विभाग के द्वारा शौचालय का मरम्मति तथा प्रसव गृह के समीप शौचालय का निर्माण कराया गया है।

विभाग के कार्यरत कनिय अभियंता नौशाद आलम के अनुसार संपूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शौचालय तथा जल की आपूर्ति की जा रही है। नव निर्माणाधीन शौचालय का दीवार फटने के संबंध में पूछने पर उपलब्ध पदाधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि पीएचईडी विभाग द्वारा बने शौचालय अभी भी स्वास्थ्य विभाग का सुपुर्द नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कार्य की गुणवत्ता की जांच करायी जाय।

लखटकिया आवास का निर्माण अधर में लटका

स्थानीय नगर पंचायत के कई वार्डो में निर्माणाधीन लखटकिया आवास अधर में लटक गया है। समेकित आवास व गंदी बस्ती योजना के तहत वार्ड नौ में डेढ़ सौ आवास को अनुसूचित जाति को लाभुकों के लिए निर्माण किया जाना है। अगस्त सितम्बर माह में करीब 30 लाभुकों के निर्माण की दिशा में एचपीएल एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ भी किया गया परंतु दिसम्बर में कार्य में अनियमितता को लेकर हुई प्रशासनिक जांच पड़ताल के बाद निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। बीते माह तक कार्य की प्रगति नहीं होने से लाभुक वार्ड वासी परेशान हैं।

बरसात के समय आवास के लाभुक कार्य पूर्ण नहीं होने से खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हो जाएंगे। वार्ड के कई आवास की सिर्फ दीवार ही पूर्ण है जबकि छत अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में प्लास्टिक व फूंस छप्पर के नीचे जीने वाले आवास के सुख से वंचित होने की आशंका से संशकित हैं। इस संबंध में कार्य एजेंसी के किसी अभियंता से पक्ष नहीं मिल पाया है। जबकि अनियमितता की जांच के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी ने पत्रांक 275 के द्वारा जिला पदाधिकारी को सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। गौरतलब है कि नप क्षेत्र में 220 अनुसूचित जाति, 20 अनुसूचित जनजाति, 28 अतिवर्ग सहित 26 पिछड़ा वर्ग के लाभुकों के आवास का निर्माण किया जाना है।

विधायक ने की गई योजनाओं का शिलान्यास

स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में होने वाले विभिन्न विकास योजनाओं के तहत बुधवार को विधायक तौसीफ आलम ने तीन कार्याें का शिलान्यास किया। जिसमें दो कब्रिस्तान का घेराबंदी व एक स्वास्थ्य उप केन्द्र का निर्माण कार्य शामिल है। इसके लिए कुल 42 लाख रूपये आवंटित किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार तुलसिया पंचायत के गौंगमेला कब्रिस्तान व मंगूरा पंचायत के कच्चुनाला व गुआबाड़ी कब्रिस्तान शामिल है।

जिसमें सोलह लाख रूपये का प्राक्कलन निर्धारित है। वहीं डुबाटोली गां में बनने वाला स्वास्थ्य केन्द्र का शिलान्यास किया गया जिसके लिए 10 लाख रूपये प्राक्कलन निर्धारित है। इस मौके पर मुखिया अखिलेशुर रहमान, अनिल कुमार साह, नप अध्यक्ष पवन अग्रवाल, पंस अभय कुमार सिन्हा, मो इब्राहीम के अलावे मो। रिजवान, मो. जहुर, मो. हैदर, साकिर, हसनैन, कालीचरण, मोनाजिर आदि मौजूद थे।

Wednesday, June 3, 2009

शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा कई विद्यालयों को उठाना पड़ता है

शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा ऐसे विद्यालयों को उठना पड़ रहा है जिनके विद्यालयों को भूमि का निबंधन तो 2009 में हो है परंतु भवन निर्माण के इनकी राशि का आवंटन वित्तिय वर्ष 2005-06 में ही कर दिया गया। लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान ऐसे शिक्षकों ने सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यालय से जब प्राक्कलन सुधार की मांग की तो वहां से टका सा जवाब दे दिया गया कि प्राक्कलन में संशोधन नहीं हो सकता।

सूचना के अधिकार के तहत जिला शिक्षा अधीक्षक से जब इस आशय की जानकारी मांगी गई तो पत्रांक संख्या बीईपी/298 दिनांक 20।05।09 के जरिए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना का प्राक्कलन मोडल होता है जिसमें संशोधन नहीं हो सकता। जिला शिक्षा अधीक्षक का तो यहां तक दावा है कि पूराने प्राक्कलन में भी भवन निर्माण संभव है। सुचना के अधिकार के तहत पूछे गये सवाल के जवाब कई नये सवाल खड़ा करता है। जब पुराने प्राक्कलन से भवन निर्माण संभव है तब नये प्राक्कलन की क्या जरूरत है।

ज्ञात हो पहले प्राक्कलन में 6 लाख 83 हजार का आवंटन होता था वहीं नये प्राक्कलन में यह राशि बढ़ा कर 9 लाख 18 हजार कर दी गई है। एक तरफ विभाग पुराने प्राक्कलन से ही भवन निर्माण का दावा करता है तो फिर नये एवं पुराने प्राक्कलन में 2 लाख 35 हजार का फर्क क्यों। जब भवन निर्माण एक ही तरफ से होना है वहीं कई शिक्षकों ने बताया कि जब भवन निर्माण के लिए भूमि ही अनउपलब्ध थी तो राशि निर्गत क्यों हुई।

जिला परिषद की बैठक में इंदिरा आवास का मामला रहा छाया

स्थानीय रचना भवन में सोमवार को आयोजित जिला परिषद एवं योजना समिति की बैठक में मुख्यरूप से इंदिरा आवास का मुद्दा छाया रहा । कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष फैयाज आलम ने की। बैठक में खासकर सदस्यों द्वारा पदाधिकारियों द्वारा जन प्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं देने पर पार्षदगण खासा नाराज दिखे। वहीं सदस्यों ने सरकारी योजनाओं में हो रही लूट खसोट करने वालों पर नकेल कसने पर बल दिया।
वहीं आंगन-बाड़ी में लूट, सोलर लाईट में घपला, तालाब खोदाई में घालमेल आदि मुद्दा उठाया। विधायक अख्तरूल इमान ने कोचाधामन प्रखंड के 27 लाभुकों को इंदिरा आवास की राशि नहीं मिलने का मामला उठाते हुए कहा कि कुछ गलत लोगों को आवास मुहैया कराया गया जो गलत है। उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक की ओर मुखातिब होकर कहा कि विभाग में ऐसे पदाधिकारी व सहायक वर्षो से कुंडली मारकर बैठे है जिनका तबादला होने के उपरांत भी जमे हुए है। वहीं विधायक गोपाल अग्रवाल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में लूट खसोट के जिम्मेदार स्वयं सीडीपीओ व अन्य पदाधिकारी है।
वहीं पार्षद शौकत अली ने टेढ़ागाछ प्रखंड में सोलर लाईट एवं चापाकल क्रय में अनियमितता का मामला उठाया। बैठक में विधायक तौसीफ आलम, जिप उपाध्यक्ष हीरा लाल सिंह, शौकत अली, कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास पदाधिकारी ललन जी, डीआरडीए निदेशक व्यासमुनि प्रधान, जिला शिक्षा पदाधिकारी चन्द्रानंद मंडल, जिला शिक्षा अधीक्षक रविन्द्र शर्मा, जिला कृषि पदाधिकारी संत लाल सिंह आदि मौजूद थे।

सरकारी योजनाओं से वार्ड वासी वंचित

स्थानीय नगर पंचायत ंक्षेत्र के विभिन्न वार्डो में सरकार द्वारा प्रदत्ता विभिन्न योजनाओं के लाभ से लाभुक वंचित हैं। कबीर अन्त्येष्ठि, कन्या विवाह, वृद्धापेंशन जैसी लाभकारी योजनाओं के दर्जनों आवेदन कार्यालय में जमा होने के बावजूद महीनों से लंबित है। यह जानकारी सोमवार को वार्ड पार्षद द्वय नुजहत परवीण एवं मुलाजीम हुसैन ने संयुक्त रूप से दी। वार्ड चार के पार्षद श्रीमती प्रवीण ने बताया कि क्षेत्र के बारह कन्या विवाह, चालीस वृद्धापेंशन और पांच कबीर अत्येष्ठि संबंधी आवेदन जा है परंतु लाभुक लाभ से वंचित है।
जबकि वार्ड आठ के पार्षद श्री हुसैन ने जानकारी दी कि कन्या विवाह दो, वृद्धापेंशन बीस, कबीर योजना दो आवेदन लंबित है। जबकि इससे पूर्व वार्ड के चार लोगों को कबीर अंत्येष्ठि का लाभ दिया गया है। इस संबंध में कार्यालय सूत्रों ने बताया कि नगर पंचायत के सभी वार्डो से मिले लाभकारी योजनाओं के आवेदन को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय को समर्पित किया जा चुका है। ज्ञात हो कि नगर पंचायत के बीत दो वर्ष के कार्यकाल में विकास कार्य में प्रत्येक वार्ड में एक ईट सोलिंग तथा चार सोलर लाइट और दो दो चापाकल मुहैया कराने का कार्य किया गया है।

बीपीएल सूची का निष्पादन 15 जुलाई तक : डीएम

जिले में बीपीएल सूची के संबंध में दर्ज आपत्तियों का निष्पादन दो सप्ताह के भीतर हो जायेगा, इसके लिए सभी प्रखंड पदाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे 15 जुलाई तक अंतिम रूप से दर्ज आपत्तियों का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर जिला प्रशासन को सौंप दे। यह जानकारी जिलाधिकारी फेराक अहमद ने दी। मंगलवार को बिहार के मुख्य सचिव, विकास आयुक्त एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव के साथ वीडियो कन्फ्रेसिंग करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि वीपीएल सूची के संबंध में लगभग पचास हजार आपत्तियां दर्ज हुई थी। 33 हजार आपत्तियों का निष्पादन हो चुका है। शेष का 15 जुलाई तक हो जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के कुल तीन लाख छत्तीस हजार परिवारों के सर्वेक्षण का कार्य भी 15 जुलाई तक पूरा हो जायेगा।

Monday, June 1, 2009

गरीबों के बच्चों को नही मिलती स्कूल पूर्व शिक्षा: प्रमुख

गरीबी रेखा के नीच जीवन यापन कर रहे बच्चों के पोषण के लिए प्रखंड क्षेत्र के 182 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रतिमाह लगभग 11 हजार रुपए पोषाहार क्रय करने के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं को उपलब्ध कराया जाता हैं जिसका लाभ क्षेत्र के किसी भी पोषक क्षेत्र के गरीब बच्चे को नही मिलता।

यह जानकारी ठाकुरगंज की प्रमुख नूरजहां बेगम ने दी। वे 31 मई को क्षेत्र समिति के सदस्यों, मुखियों व गरीब अभिभावकों के हवाले से जानकारी दे रही थी।उन्होंने जोर देकर कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र पर कुपोषित बच्चों को पोषाहार खिलाया जाता तो गरीबों के बच्चों भी स्वस्थ रहते। उन्हें स्कूल पूर्व शिक्षा दी जाती तो अलग से सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को स्कूल से जोड़ने की मुहिम नही चलानी पड़ती। साथ ही आंगनबाड़ी को मां के बराबर का सम्मान मिलता ।

बच्चों में सेविका व देश के प्रति प्यार के भाव जागता । नन्हें-मुन्ने बच्चे सोचने को विवश हो जाते कि माता-पिता और आंगनबाड़ी केन्द्र उनके अपने हैं। उन्होंने दुख के साथ कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को गरीब बच्चों के उत्थान का जरिया बनाने के लिए उच्च पदाधिकारी को औचक निरीक्षण करना चाहिए, जो नही किया जा रहा है।

शरीर पोषक तत्व से व मन शिव चर्चा से रहता है स्वस्थ

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए देश दुनिया में नाना प्रकार के पोषक तत्व और खाद्य पदार्थ मौजूद हैं, लेकिन मन को स्वस्थ रखने के लिए क्या है-सिवाय शिव चर्चा के। यह ज्ञान स्थानीय रुईधासा मैदान में आयोजित दो दिवसीय शिव गुरू वार्षिक महोत्सव में रविवार को खगड़िया से पधारे गुरू भाई संजय बिहारी ने दी। उन्होंने कहा कि मन स्वस्थ रहेगा तो सोच सकारात्मक होगी, सोच सकारात्मक होगी तो आत्मा का मिलन शिव से हो जाएगा।
इससे पहले उन्होंने कहा कि शिव का कार्य जगत का कल्याण करना है। भागलपुर से पधारे मिथिलेश चौधरी व प्रमोद मंडल ने शिवगुरु की अनिवार्यता पर बल देते हुए कहा कि एक गुरू होना ही चाहिए। इस मौके पर बाबा शिव की महिमा जानने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी जिनमें महिलाओं की संख्या दूसरे दिन भी अधिक रही। रूईधासा मैदान में बने विशाल पंडाल में हीरामनी ,निशु कुमारी, पिन्की गुप्ता ,रूपराज खत्री, का संयुक्त भजन देर रात तक भक्तगण सुनते रहे । संचालन रमेश शर्मा, बल्लभ सिंह, अतावरी देवी, धर्मेन्द्र सिंह, राजकुमार, महेश गुप्ता, सुनीता देवी, किशोर मिश्र, शिवनंदन ठाकुर व सुबोध साहा क्रम से संभालते रहे।

बाढ़ से प्रभावित गांवों को अभी से चिह्नित करें

जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका के आलोक में अभी से ही युद्धस्तर पर तैयारी करने का निर्देश दिया है। श्री अहमद ने यह जानकारी 30 मई को अपने कार्यालय कक्ष में आहूत आपदा प्रबंधक विभाग की एक बैठक में सभी प्रखंड पदाधिकारियों समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों पंचायतों को चिह्नित करना प्रारंभ कर दें। साथ ही वैसे शरण स्थलों का भी चयन कर लें। जहां बाढ़ पीड़ितों को रखा जा सके।

उन्होंने प्रखंड पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि पिछले अनुभवों के आधार पर बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में सहायता केन्द्रों की स्थापना करे, आवश्यकतानुसार नाव, खाद्यान्न, पशुचारा एवं दवाओं की व्यवस्था भी अभी से ही सुनिश्चित करने का प्रयास करे। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है इसके प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी बनाए गए है एवं टाल फ्री फोन नम्बर 1077 की व्यवस्था की गई है इस पर आपदा से संबंधित सूचनाएं दी जा सकती है।

आज की इस बैठक में जिन लोगों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही उनमें प्रमुख है एडीएम श्याम कुमार सिंह, सिविल सर्जन आई डी रंजन, निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण व्यासमूनि प्रधान, अनुमंडल पदाधिकारी खुर्शीद आलम, कार्यपालक अभियंता जल निस्सरण विभाग राजीव नयन प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उदयकांत चौधरी, पीएचईडी के सहायक अभियंता एवं अन्यान्य।