Friday, May 29, 2009

कांग्रेसकर्मी मौलाना को मंत्री बनाने का मांग

गुरूवार को जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी आश्रम में जिला कांग्रेस कमिटि के अध्यक्ष इशहाक आलम की अध्यक्षता में जिला कांग्रेस कार्यकारिणी एवं प्रखंड अध्यक्षों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि किशनगंज के नव निर्वाचित सांसद मौलाना असरारूल हक बिहार व उत्तर प्रदेश से एक मात्र अल्पसंख्यक सांसद जीत कर आए है।

उनकी पकड़ बिहार ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अल्पसंख्यकों के बीच अच्छी पकड़ है। मौलाना असरारूल हक को केन्द्रीय मंत्रीमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया जाना चाहिए जिस कारण आने वाले दिन बिहार विधान सभा चुनाव में भारी सफलता मिलेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों विधान सभा चुनाव में कांग्रेस से मुस्लिमों का मोह भंग हो जायेगा।

बैठक में मुख्यरूप से विचार करने वालों में मोतीउर रहमान, चंद्रकांत झा, जूल्फेकार अहमद अंसारी,मो. मजहरूल हक, मो.बिलाल, विश्वजीत कुमार तिवारी, मो. अतीक रहमान, अजय कुमार साहा, प्रमिला तिवारी, अब्दुल गफूर, अब्दुल खालिक, ललित कुमार, पिंटू चौधरी, मौलाना, मोस्ववीर आलम, मो. अकबर, इमाम अली, चिंटू चौधरी मनोज ठाकुर आदि शामिल थे।

सुशासन की सरकार सरपंचों के साथ सौतेलापन का व्यवहार कर रही है। निर्वाचित हुए लगभग चार साल होने के पश्चात, सरपंचों को कोई अधिकार नहीं दिया गया है। ये बा

भारत सरकार द्वारा की जा रही एक नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी 126 पंचायत मुख्यालयों में इंटरनेट समेत दूर संचार संबंधी सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जायेगी। सभी पंचायत मुख्यालयों इच्छुक व्यक्ति रेल यात्रा हेतु आरक्षण भी प्राप्त कर सकेंगे। यह जानकारी भारत संचार निगम के टीडीई अखिलेश चन्द्रा ने दी। उन्होंने बताया कि सम्प्रति यह सरकारी सुविधा पंचायत मुख्यालयों में होगा।
लेकिन यदि कोई व्यक्ति निजी क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधा के लिए जुड़ना चाहेगा तो उसे भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि जिले में इस व्यवस्था को कारगर बनाने के लिए 11 वीटीएस केन्द्र भी खोले जा रहे है जो इस प्रकार की सुविधा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाययेंगे। यह पूछे जाने पर कि जिला मुख्यालय में टेलीफोन व्यवस्था क्यों लकवाग्रस्त हो गई है? चन्द्रा ने बताया कि पाइप बिछाने के नाम पर पीएचईडी वालों ने टेलीफोन व्यवस्था को एक तरह से लकवाग्रस्त बना दिया है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी से मांगी गई सहायता के आलोक में जिलाधिकारी फेराक अहमद ने वांछित सहयोग प्रदान नहीं किया होता तो जिला मुख्यालय में टेलीफोन व्यवस्था ही ध्वस्त हो गई होती। पीएचईडी वालों ने पाइप बिछाने के क्रम में केबुल अनेकानेक जगहों पर काट डाला है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस से भी उन्हे वांछित सहयोग नहीं मिलता है।

सरपंचों के साथ सरकार कर रही है सौतेला व्यवहार : अध्यक्ष

सुशासन की सरकार सरपंचों के साथ सौतेलापन का व्यवहार कर रही है। निर्वाचित हुए लगभग चार साल होने के पश्चात, सरपंचों को कोई अधिकार नहीं दिया गया है। ये बातें जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष सफी आजम ने गुरूवार को आयोजित जिलास्तरीय सरपंचों के बैठक को संबोधित करते हुए कहा। श्री आजम ने सरकार द्वारा सरपंचों के साथ किए गए भेदभाव को बिन्दुवार प्रकाश डालते हुए कहा कि अभी तक स्थायी ग्राम कचहरी का भवन नहीं होना, न्यायिक अधिकारी नहीं मिलना, ग्राम कचहरी में आये वादों पर पुलिस का अडं़गा, संचालन की दिशा में ठोस दिशा निर्देश नहीं मिलना, प्रशिक्षण आदि नहीं कराना सरकार की मंशा को उजागर करता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक जगह जख्म हो तो दिखाई पूरा शरीर जख्मों से भरा पड़ा है। न्याय करने वाला खुद अपने न्याय के लिए दर-दर की ठोंकरे खा रहा है। सरपंचों को एमएलसी के निर्वाचन में वोट देने से भी वंचित कर दिया है । सरकार द्वारा किए जा रहे सरपंचों के जुल्मों सितम से आजिज होकर सरपंच संघ ने उग्र आंदोलन छेड़ने की बात कही है। वहीं जिला प्रवक्ता दिनेश कर्मकार ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन की सरकार में सरपंच को उपेक्षित कर समाज के सामने नीचे दिखाने का काम जारी है।
उन्होंने इशारे-इशारे में कहा कि पीड़ित पक्ष ग्राम कचहरी आता है, दूसरा पक्ष थाना पहुंच जाता है। सरपंचों के सामने थानेदार पीड़ितों को ही उल्टे धमकाते है और उसे हिरासत में भी ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम कचहरी के अधिकारों के साथ खुलेआम सरकारी तंत्र चीर हरण करने पर आमादा है। सरपंच अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि मचे की बात यह है कि मानदेय के तौर पर सभी ग्राम कचहरियों में राशि भेज दी गई है लेकिन दिशा-निर्देश के अभाव में भुगतान नहीं हो रहा है। बैठक में 126 सरपंच मौजूद थे।

Thursday, May 28, 2009

सांसद का नाम मंत्री की सूची में नही देखकर क्षेत्र में भारी आक्रोश

स्थानीय सांसद मौलाना असरारुल हक काशमी का नाम मंत्रियों की सूची में अभी तक नही आने पर क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग दूरभाष पर दिल्ली के संपर्क में है जिसमें किशनगंज के सांसद श्री हक ने कहा है कि शांति और उम्मीद बनाएं रखें, मैं अपने वेतन की आधी राशि अबला और निर्बल को दूंगा तथा सांसद प्रतिनिधि के स्थान पर प्रत्येक प्रखंड में समिति होगी, जो विकास कार्यो पर नजर रखेगी ।

इससे पहले बिन्दु लौहाटी, ललित मित्तल, जिला पार्षद ललित कुमार, शौकत अली, इफ्तारखार आलम, कमरुजमा, मुखिया पिन्टू चौधरी, पत्रकार सह पूर्व मुखिया मुस्ताक आलम, कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष मो। इसहाक आलम, शादिक शमदानी, मसब्विर आलम, अतीकुर रहमान, राम कुमार अग्रवाल , रफीक आलम, पार्षद एहतसाम अंजुम ,अंजार आलम, पोठिया प्रखंड के कांग्रेस अध्यक्ष सह पार्षद प्रतिनिधि जहांगीर आलम आदि ने अलग-अलग जानकारी दी कि बिहार प्रदेश में कांग्रेस पार्टी से अल्पसंख्यक बिरादरी के मात्र एक सांसद मौलाना असरारुल हैं, जिन्हें केन्द्रीय मंत्रिमंडल में स्थान नही मिलने पर बिहार सहित पूरे देश की राजनीति पर असर पड़ेगा। जारी बयान के अनुसार श्री हक पूरे देश में विद्वान मुसलमानों के बीच बहुत बड़ी अहमियत रखते हैं विश्व स्तरीय कार्यशाला में आमंत्रित किए जाते हैं।

साथ ही यह भी कहा गया कि आज तक किशनगंज से जो भी संासद जीते, उन्हें मंत्रिमंडल में जरुर स्थान मिला है। इससे पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्री आलम ने जानकारी दी कि प्रत्येक जिला अध्यक्ष एक ज्ञापन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी को भेजने का निर्देश प्रदेश अध्यक्ष ने दिया है। जिसमें सन्देश दिया गया है कि किशनगंज के सांसद श्री हक मंत्रिमंडल में स्थान नही मिलने पर एक वर्ष बाद होने वाले विधानसभा चुनाव पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

ग्रामीणों ने आरक्षी को बनाया बंधक, नकली डीटीओ व जीप चालक भागने में सफल

राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर नकली डीटीओ बन वाहनों से अवैध वसूली करने वाला गिरोह को ग्रामीणों ने बुधवार को बंधक बना लिया । हालांकि मौके का फायदा उठाकर नकली पदाधिकारी जीप चालक को लेकर फरार हो गया। इस बीच मौके पर पकड़ाये आरक्षी समीम को घंटो बंधक बनाये रखा। घटना की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी फेराक अहमद ने अनुमंडल पदाधिकारी को नकली डीटीओ के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। श्री अहमद ने बताया कि नकली डीटीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।


मिली जानकारी के अनुसार डीटीओ की प्रतिनियुक्ति नहीं होने का फायदा कुछ अन्य कर्मी बखूबी उठाया। इसमें परिवहन विभाग के चालक की भी सहभागिता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (बीसीओ) अनुप त्रिपाठी नकली डीटीओ, परिवहन विभाग के जिप चालक आलम और आरक्षी समीम अहले सुबह हलीम चौक के समीप एक टै्रक्टर (बीआर37ए/0628) को रोककर पहले कागजात मांगा। कागजात देने के बावजूद भी 35 हजार रूपये बतौर नजराना का डिमांड कर दिया। इतने में भीड़ में एकट्ठा हो गया और ग्रामीणों ने बीसीओ को नकली डीटीओ के रूप में देखते ही आग बबूला हो गया। मौका के नजाकात को भांपते हुए नकली डीटीओ अनुप त्रिपाठी ने जीप में बैठ भाग निकला । लेकिन इनके सहयोगी सिपाही को ग्रामीणों ने घंटो घेरे रखा।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने बंधक बनाये आरक्षी को सौंप दिया। यहां बता दे कि शहर के दर्जनों ट्रैक्टर मालिकों से नकली डीटीओ एवं चालक आलम ने मौटे रकम वसूले है। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर ऐसे दर्जनों नकली डीटीओ, मोबाईल पुलिस और एमभीआई बनकर वाहन चालकों को अपना शिकार बनाते रहे है। यह सिलसिला वर्षो से चलता आ रहा है। इस प्रकार की घटना में पहले भी कुछ लोगों को चिन्हित भी किया गया लेकिन कठोर कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद है। अब देखना है कि जब मामला जिलाधिकारी के सामने आये मामले में क्या कार्रवाई करते है।

जिले के छात्र-छात्राओं को एनीमिया से मिलेगी मुक्ति : फेराक

यूनिसेफ की एक योजना के तहत जिले में एनीमिया से पीड़ित सभी छात्र-छात्राओं को शीघ्र ही मिलेगी निजात। एनीमिया से मुक्ति हेतु उन्हे दी जायेगी आवश्यक दवायें। यह जानकारी जिला पदाधिकारी फेराक अहमद ने दी। उन्होंने बताया कि जिले में एनीमिया से ग्रस्त लोगों की संख्या चौंकाने वाली है लेकिन अब एक विशेष योजना के तहत एनीमिया मुक्ति हेतु उठाये जायेंगे प्रभावी कदम। जुलाई से जिले के विद्यालयों में 9 वीं कक्षा से 12 वीं कक्षा तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को एनीमिया नियंत्रण हेतु प्रभावी गोलियां दी जायेंगी।
श्री अहमद 27 मई को अपने कार्यालय कक्ष में एनीमिया नियंत्रण हेतु आयोजित बैठक में इस कार्य की सफलता हेतु सभी सीडीपीओ, प्रखंड पदाधिकारियों, चिकित्सा पदाधिकारियों एवं उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में अपना सक्रिय अभियान में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करे एवं जिले को एनीमिया से ग्रस्त छात्र-छात्राओं को एनीमियांयुक्त करे। इस बैठक में जिन लोगों की उपस्थित विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, उनमें प्रमुख है उप विकास आयुक्त ललन जी, जिला शिक्षा पदाधिकारी चन्द्रानंद मंडल, इंटर स्कूल के प्रधानाचार्य हबीबुर्रहमान एवं चिकित्सा पदाधिकारी आदि।

Tuesday, May 26, 2009

मिंट्टी धंसने से रोलर चालक सहित दो की मौत

गलगलिया थाना क्षेत्र के पथरिया गांव में सोमवार को पूर्वाह्न साढ़े दस बजे पुल बनाने के लिए खोदे गए 11 फिट गहरे गड्ढ़े में पांच लोग काम कर रहे थे। इसी सयम अचानक मिंट्टी गिरने से सभी लोग पांच फिट मोटी मिंट्टी में दब गए जिससे बैठकर कार्य कर रहा एक मजदूर तथा कार्य करवा रहा ठेकदार का रोलर चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई । इस हादसे में एक व्यक्ति की हालत गंभीर है और दो मजदूरों को निजी क्लीनिक में इलाज करवाने के बाद घर भेज दिया गया है। घटना की प्राथामिकी घायल मुस्ताक के बयान पर ठाकुरगंज थाना में दर्ज किया गया है।
दोनों मृतकों मो। इसराइल, ग्राम चुरली उम्र 50 वर्ष व रोलक चालक निवासी भक्तीपुर जिला पश्चिम दिनाजपुर जयनल वर्मन उम्र 38 वर्ष का शव पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए किशनगंज जिला अस्पताल भेजा है। इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए प्रभारी डीएम सह डीडीसी ललन जी ने कहा कि बीडीओ से रिपोर्ट मिल जाने के बाद यथा संभव सहायता रासि दोनों मृतकों के परिजनों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
इधर कार्यपालक अभियंता आरसीडब्लूडी विनोद कुमार ने बताया कि यह प्राकृतिक आपदा है। घटना के समय ठेकेदार श्रीकृष्ण सिंह उर्फ सिकन्दर पटेल का रोलर चालक सह मेट मजदूरों के साथ कार्य शुरू करवाने को ले जायजा ले रहा था,इसी समय मिंट्टी धंस गई जिससे बैठे हुए दोनों लोगों की मौत हो गई और जो लोग खड़े थे वे बच गए।

कांग्रेस समर्थक समिति सदस्यों में मतभेद, दो गुटों में विभक्त

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रमुख कोचाधामन के नेतृत्व में 30 पंचायत समिति सदस्यों ने एक जुट होकर कांग्रेसी उम्मीदवार मौलाना असरारुल हक के पक्ष में मतदान करने की संयुक्त अपील किया था। आज इन्हीं में से 21 सदस्य टूटकर प्रमुख के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी को अन्तिम रूप देने में लगे हैं। यह जानकारी देते हुए प्रमुख पद के दावेदार दयानंद मंडल, उबैद आलम, तौकीर आलम और समिति सदस्य पति सइदुर रहमान ने बताया कि दो दिन के अन्दर 25 से अधिक समिति सदस्य एक मत से प्रमुख कोचाधामन श्रीमती मजकुरा खातून के खिलाफ अविश्वास लाएंगे।
इस बावत जारी बयान में चारों ने स्पष्ट किया कि निवर्तमान केन्द्रीय मंत्री तस्लीम उद्दीन के दबाव पर वे लोग लोकसभा चुनाव के पहले अविश्वास प्रस्ताव नही लाए। साथ ही दावा किया कि 34 पंचायत सद्स्यों में से 25 को एकमत होने से प्रमुख की कुर्सी जाना तय है।
साथ ही साफ किया कि वे लोग अविश्वास राजनीतिक कारणों से नही अपितु प्रमुख श्रीमती खातून के नेतृत्व में घुटन महसूस करने के कारण ला रहे हैं। एक सवाल पर समिति सदस्यों को गोलबंद कर रहे पंचायत समिति सदस्य श्री मंडल ने कहा कि अविश्वास लाने का कारण वे लोग तैयार कर चुके हैं जिसके आधार पर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की स्वीकृति मिलनी निश्चित है।

अब और उत्साह के साथ करेगे क्षेत्र की सेवा: अशरफ

अब और उत्साह के साथ क्षेत्र की सेवा करेगे। इतने कम समय में क्षेत्र की जनता ने जो प्यार व सम्मान दिया है उसे हम संभालकर रखें यही हमारी पूंजी होगी। उपरोक्त बातें जदयू प्रत्याशी सैयद महमूद अशरफ ने शुक्रवार को भगत टोली स्थित जद यू कार्यालय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। किशनगंज की जनता के प्रति अपने आत्मीय लगाव की चर्चा करते हुए श्री अशरफ ने कहा कि वे यहां की जनता के सुख-दु:ख में हर पल उनके साथ रहेगे।

विकास पुरूष नीतीश कुमार द्वारा किये जा रहे बिहार के कायाकल्प में वे हर पल उनके साथ रहेगे और किशनगंज में विकास की लौ को घर- घर पहुचायेंगे। श्री अशरफ ने कहा कि किशनगंज में सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यो पर उनकी पैनी निगाह रहेगी ताकि विकास की रोशनी जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

बैठक में जद यू जिलाध्यक्ष प्रो. बुलंद अख्तर हाशमी,भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष पवन सेन,वरीय नेता त्रिलोकचंद जैन,बहादुरगंज के नगर पंचायत अध्यक्ष पवन अग्रवाल,जद यू के प्रांतीय नेता राकेश कुमार,प्रो. जमील अख्तर,साइन परवेज,वसीम अख्तर,शकील अख्तर,डा.शाहजहां,संजय चौधरी,महताब आलम,रियाज अनवर,नूर मोहम्मद,भाजपा नेताओं में सुभाष साहा,पंकज साहा मानू, गौतम पोद्दार,बरूण सिंह,माधव पूर्वे,परमेश्वर शर्मा,प्रवेश महतो,नरेश साह,अजय कुमार सिन्हा,ललितेश्वर प्रसाद सिन्हा,मुकेश महतो समेत दर्जनों राजग कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Friday, May 22, 2009

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का प्रथम कार्य,क्षेत्र के दुख-दर्द में बटाएं हाथ

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का अब प्रथम कार्य होगा कि वे क्षेत्र के दुख-दर्द में भाग लेंगे। लगभग 18 वर्ष के बाद कांग्रेस पार्टी को जो जमीन मिली है,उसके हिफाजत के लिए यह कार्य करना होगा, तभी हम आगे जनता का दिल जीत सकेंगे और अन्य पार्टी के कार्यकर्ताओं को पछाड़ सकेंगे। यह बात कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष मो। इसहाक आलम ने कही।

वे स्थानीय राजीव गांधी कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के उम्मीदवार मौलाना असरारुल हक की जीत पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों ,सहयोगियों व लोकसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिहं और महासचिव राहुल गांधी के मार्ग निर्देशन में कांग्रेस पार्टी को 15 वीं लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ी सफलता मिली है।

हम अपने तीनों नेताओं को मार्ग निर्देशन में किशनगंज की जमीन को हरा भरा बनाए रखेंगे। बैठक में मुख्य रुप से सजल प्रसाद साहा, अरुण कुमार दास, जुल्फेकार अहमद अंसारी, अब्दुल रज्जाक, मजहरुल हक, कैलास बसाक, नारायण दास, मोबिन आलम, अशोक दास, चन्द्रकांत दास. रेशमा देवी, हसीम अंसारी, संजीव पासवान, सरफराज आलम, राजेश कुमार व अनवारुल हक आदि ने अपने विचार रखा।

प्रखंड प्रमुख की कुर्सी को हिलाने का प्रयास शुरू

कुल 34 में से 30 पंचायत समिति सदस्यों के साथ कांग्रेस प्रत्याशी मौलाना असरारुल हक काशमी के पक्ष में अपील करने वाली प्रखंड प्रमुख कोचाधामन की कुर्सी को हिलाने का प्रयास शुरू हो गया है। इस बाबत पंचायत समिति सदस्यों की एक ही दिन दो स्थानों पर बैठक हुई जिसमें एक गुट में 14 और दूसरे गुट में 18 पंचायत समिति सदस्यों ने भाग लिया।
इस दौरान दो समिति सदस्य तटस्थ रहे और किसी भी बैठक में भाग नही लिए। चारों के तटस्थ रहने का अलग-अलग कई कारण गिनाया जा रहा है। एक का नेतृत्व प्रखंड प्रमुख मचकुरा खातुन ने किया। उनके नेतृत्व में बैठक मध्य विद्यालय मजगांवा में हुई जिसमें 14 पंचायत समिति सदस्य मौजूद थे। सभी लोग मौके पर विकास कार्यो पर चर्चा करते हुए बीआरजीएफ की राशि की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ उपप्रमुख निजामुद्दीन के पहल पर 18 सदस्यों ने गरगांव पंचायत में आयोजित बैठक में भाग लिया। सूत्रों ने बताया कि इस गुट ने प्रखंड प्रमुख को उनके पद पर से हटाने की रणनीति बैठक के दौरान तैयार किया है।
सनद रहे कि कोचाधामन प्रखंड प्रमुख का पद अत्यन्त पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है जिसमें केवल दो मुस्लिम बिरादरी के हैं,शेष हिन्दू बिरादरी के हैं। मुस्लिम में मजकुरा खातून स्वयं प्रमुख की कुर्सी पर विराजमान हैं। उल्लेखनीय है कि प्रखंड प्रमुख मजकुरा के सिर पर एक विधायक सहित नव निर्वाचित कांग्रेसी सांसद श्री असरारुल का हाथ है, इसलिए लोग प्रखंड प्रमुख खिलाफ गुटबंदी को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन से जोड़कर देख रहे हैं।

आदर्श चुनाव संहिता समाप्त, विकास भवन की राशि आवंटित

दो वर्ष से अपूर्ण पड़ा विकास भवन का कार्य पूर्ण होते ही डीआरडीए परिसर को चार चांद लग जाएगा। आदर्श चुनाव संहिता समाप्त होते ही यह जानकारी डीडीसी ललन जी के हवाले से आरसीडब्लूडी दू के कार्यपालक अभियंता सच्चिदा नंद पान्डेय ने 21 मई को दी । वे अपने कार्यालय कक्ष में अनौपचारिक बातचीत में विकास भवन के लिए राशि आवंटित कर दिए जाने की जानकारी दे रहे थे।

कार्यपालक अभियंता श्री पान्डेय ने बताया कि विकास का इस्टीमेटेट राशि 24 लाख रुपए था जिसमें से 25 प्रतिशत राज्य सरकार और 75 प्रतिशत केन्द्र सरकार का अंश है। केन्द्र सरकार ने हाल ही में नौ लाख रुपए आवंटित कर दिया है और राज्य सरकार का अंश तीन लाख रुपए एक -दो दिन में मिल जाने की उम्मीद है।

एक सवाल पर उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा दो वर्ष बाद शेष राशि आवंटित करने से भवन की लागत बढ़ गई है जिसके कारण विकास भवन के लुक में थोड़ा सा परिवर्तन करना पड़ेगा। साथ ही स्पष्ट किया कि दो वर्ष पहले मजदूरी प्रति मजदूर 68 ,मिस्त्री की मजदूरी 103, सीमेन्ट प्रति बोरी 162, ईट प्रति हजार 1,926 रुपए था और इस समय मजदूरी की दर प्रति मजदूर 89, प्रति मिस्त्री मजदूरी 113, सीमेन्ट प्रति बोरी 229 और ईट का स्वीकृत मूल्य 3,204 रुपए प्रति हजार है ं।

विधायक ने सौपा डीएम को बिहार मदरसा बोर्ड का पत्र

मानव संसाधन विकास मंत्री वृषण कुमार पटेल के पहल पर बिहार मदरसा बोर्ड ने प्रखंड स्तर पर फोकानिया और मौलवी की परीक्षाएं आयोजित करने का निर्देश दिया है। जिले के बगल स्थित पूर्णिया जिला में डगरुआ प्रखंड मुख्यालय पर फोकानिया और मौलवी की परीक्षा 25 मई से आयोजित की जाएगी। यह जानकारी स्थानीय विधायक अख्तरुल ईमान ने दी । वे 21 मई को बिहार मदरसा बोर्ड के निर्देश की प्रति बतौर ज्ञापन डीएम फेराक अहमद को सौंपने की जानकारी पत्रकारों को दे रहे थे ।

उन्होंने बताया कि दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे छात्र-छात्राओं में ऐसे भी छात्र हैं जो जिला मुख्यालय में किराए के मकान में रहकर परीक्षा नही दे पाएंगे, वे गरीबी और असुविधा के चलते परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या छात्राओं के लिए हैं। उन्होंने बताया कि अभिभावकगण प्रखंड स्तर पर परीक्षा आयोजित कराए जाने की मांग कर रहे हैं और वे अभिभावकों की मांग का समर्थन करते हैं।

Wednesday, May 20, 2009

सुशासन में निर्भीक होकर मतदाताओं ने किया मतदान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भयमुक्त शासन में पहली बार दबे-कुचले और गरीबों ने भी किया निर्भय होकर मतदान। इसके पहले ऐसे लोग नही जाते थे मतदान करने और दूसरे डालते थे उनका मत। इस वजह से भी तीन बार द्वितीय व एक बार तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी मौलाना असरारुल हक हार जाते रहे चुनाव। यह प्रतिक्रिया कोचाधामन, किशनगंज और बहादुरगंज विधानसभा के दबे-कुचले बस्ती में रह रहे मतदाताओं की हैं।

अपना नाम नही छापने और काग्रेस प्रत्याशी श्री हक को बधाई देते हुए इन बस्तियों के गरीबों ने बताया कि नीतीश बाबू के मुख्यमंत्री बनने के पहले वे लोग वोट डालने नही जाते थे। मत पड़ने के पहले गांव के कुछ दबंग लोक आते थे और दस -पांच रुपए सभी में बांटकर हिदायत दे जाते थे कि कोई भी मतदान करने नही जाएंगा ,यदि गए तो मतदान के बाद अपनी खैर नही समझेंगे, ऐसे लोगों को किसी न किसी मामले में फांस जेल भेज दिया जाएगा।

गरीबों के अनुसार इस बार भी वे लोग आए और कहा कि सभी लोगों को वोट डालने के लिए जाना है। वे लोग गए और जो प्रत्याशी पसन्द आया, उसे वोट दिए। सनद रहे है कि 15 वीं लोकसभा का चुनाव कई मामले में गत चुनावों से जुदा रहा । आपराधिक प्रवृत्ति के लोग कुछ इलाकों में अपना रंग दिखाना चाहे, जहां उन्हें कड़े प्रतिकार का सामना करना पड़ा। यह जानकारी देते हुए कई चुनाव लड़ चुके एक बुजुर्ग नेता ने कहा कि चुनाव के पहले किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में अपराध का ग्राफ अचानक बढ़ जाता था और उसका आतंक चुनाव समाप्त होने तक कायम रहता था।

चुनाव के बाद प्राथमिकी को दौर शुरु होता था जिस पर नीतीश के शासनकाल में विराम लगा। उन्होंने बताया कि 15 वीं लोकसभा के चुनाव में निर्भय होकर मतदाताओं ने मतदान किया और जिसका व्यक्तित्व सब पर भारी पड़ा, वह उम्मीदवार मौलाना श्री हक चुनाव जीत गए।

तीन दिवसीय ग्रामीण जीविका प्रशिक्षण में महिलाओं ने लिया भाग

स्थानीय सरावगी अतिथि सदन में तीन दिवसीय ग्रामीण जीविका सम्बन्धी मार्ग दर्शन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें पोठिया प्रखंड के दस स्वयं सहायता समूहों में अपने लिए कार्य कर रही महिला सदस्यों की भागीदारी प्रमुख रही । यह जानकारी समापन समारोह में राहत संस्था की संचालिका फरजाना बेगम ने दी। वे आगत अतिथियों का स्वागत कर रही थी ।
इससे पहले नाबार्ड के प्रबन्धक संजय मिश्रा ने बताया कि आज पूरे राष्ट्र में स्वयं सहायता समूहों की संख्या तीस लाख से ऊपर पहुंच गई है। इनमें से जिन समूहों के सदस्य अपनी आय से बचत करके स्वयं सहायता समूह का कुशल संचालन किया,उन्हें सरकार की तरफ से प्रथम, द्वितीय ग्रेडिंग के आधार पर 25 हजार से लेकर सवा लाख रुपए तक सरकार की तरफ से अनुदान दिया गया।
इतनी ही राशि बैंकों ने बतौर कर्ज दिया, जिससे मन पसन्द उद्योग लगाकर देश के अन्दर हजारों-हजार समूह आज आत्म निर्भर बन चुके हैं। प्रो। मीना कुमारी, अधिवक्ता जयंती दास, प्रो। भुवनेश्वर प्रसाद एवं निहाल अख्तर इस अवसर पर मौजूद थे।

मुखिया दामलबाड़ी ने कांग्रेस की जीत पर निकला विजय जुलूस

स्थानीय थानाक्षेत्र के दामलबाड़ी ग्राम पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अफसर हुसैन के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में 16 मई को कांग्रेस प्रत्याशी मौलाना असरारुल हक काशमी की जीत की खुशी में विजय जुलूस निकाला गया। जिसमें अगल-बगल के पांच ग्राम पंचायतों के सैकड़ों लोग शामिल हुए तथा एक दूसरे को मुंह में मिठाई डालकर उमंग का इजहार किया । इस अवसर मुख्य रुप से फारुख इजारुल हुसैन, मो. इब्राहीम, मो. साहबुदीन, मो. जहांगीर आलम, पूर्व प्रखंड प्रमुख मुस्ताक आमल , मो.तैयब, मो. जमाल, मो.नजमुल हुदा, मो.असीर आदि मौजूद थे।

से निकला विजय जुलूस जहांगीरपुर ,पनासी, पहाडकंट्टा , पड़लाबारी से होते हुए दामलबाड़ी ग्राम पंचायत में पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया,जहां लोगो ने प्रस्ताव पारित किया कि एक ज्ञापन भेजकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ,प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी से स्थानीय संासद मौलाना श्री असरारुल को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग करेंगे ।

Tuesday, May 19, 2009

नए सांसद के सिर पर आवाम ने रखा है कांटों का ताज

लोकसभा क्षेत्र की आवाम नव निर्वाचित सांसद मौलाना असरारुल हक काशमी के सिर पर फूल नही कांटों का ताज रखा है। एक दर्जन से अधिक केन्द्र प्रायोजित योजानाएं अधूरी हैं अथवा अभी तक फाइल में बंद होकर धूल चाट रही है। मुख्य रुप से महानंदा बेसिन योजना जिसके तहत जिले के सभी नदियों के दोनों तटों पर बाध सह सड़क का निर्माण, जल अवरोधक द्वार, बाढ़ के समय शरण लेने के लिए फ्लेटफार्म, नदियों से गाद निकालकर गहरा करना, पनबिजली प्रोजेक्ट का निर्माण जैसी महत्वाकांक्षी योजना स्वीकृत हैं।
इस योजना में प्रथम चरण के रुप में कोशी अंचल के सभी नदियों को सर्वे कराने के लिए राशि आवंटित की गई है। किशनगंज जल निस्सरण विभाग ने मेंची नदी का सर्वे और प्राक्कलन तैयार करके प्रदेश सरकार के माध्यम से केन्द्र को स्वीकृत के लिए भेजी है। यह योजना स्वीकृत होते ही मेची पर बाध बनने का काम शुरु हो जाएगा।
दूसरी सबसे चुनौती होगी लौचा और मटियारी घाट पर एनबीसीसी के सौजन्य से बनने वाला पुल, जिसके लिए निविदा निकाले जाने पर भी ठेकेदार नही मिले। नेपाल सीमा पर रखवाली करने के लिए सीमा पर बनने वाली सड़क पर भी कार्य नही शुरु हुआ। टेढ़ागाछ प्रखंड सहित सभी अछूतों गांवों में राजीव गांधी विद्युतीकरण व पीएम सड़क के तहत लगभग साढ़े चार सौ किलोमीटर सड़क का निर्माण। फोरलेन पर किशनगंज शहर स्थित केलटैक्स का अधूरा संपर्क पथ जिससे पुल से होकर आवागमन लगभग पांच वर्ष से बाधित है।
रमजान नदी के लिए स्वीकृत 50 करोड़ की सौन्दयीकरण योजना ,सर्वे के बाद पुरातत्व विभाग में धूल फांक रही बड़ीजान, बेणूगढ़ , ढवेली और असुरागढ़ के इतिहास को नया आयाम देना, अधूरी रेल परियोजनाएं, माडल स्कूल, पोलिटेकनिक संस्थान, रवी अहमद किदवई विश्वविद्यालय , मारवाड़ी कालेज को डीन कालेज के रुप विकसित करना, सभी उच्च विद्यालयों में व्यवसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था के अलावा किसानों के विकास जुड़े कार्यक्रमों को केन्द्र सरकार के सहयोग से नव निर्वाचित सांसद श्री हक को गति प्रधान करनी होगी।

चुनावी मेला संपन्न, सभी के सहयोग से बनी रही शांति : डीम

अभूतपूर्व प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था के बीच 16 मई की रात लगभग साढे़ दस बजे चुनाव मतगणना संपन्न हो गया । इस संबंध में पूछे जाने पर निर्वाची पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी फेराक अहमद ने बताया कि उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं निर्धारित नियमों के अनुकूल नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतगणना की समाप्ति तक सारे दायित्वों को पूर्ण किया।

उन्होंने दावा किया कि मतदान एवं मतगणना के दौरान सर्वत्र शांति एवं निष्पक्षता बनी रही जिसके लिए उन्होंने अपने पदाधिकारियों, निवर्पचन कार्य में संलग्न कर्मियों एवं विशेष रूप से किशनगंज की जनता के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने माना कि सभी के सहयोग से चुनाव कार्य संपन्न हुए।

इधर रात को लोकसभा चुनाव में विजयी घोषित किए जाने के बाद कांग्रेसी नेता मौलाना अशरारुल हक ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान और चुनाव परिणाम घोषित होने के पहले तक की चुनाव आयोग की तैयारी अभूतपूर्व रही। प्रत्येक प्रक्रिया पर जिला प्रशासन की नजर रही, जिससे सम्पूर्ण चुनाव शान्तिपूर्ण माहौल संपन्न हो गया।

सुरजापुर की आवाम भी अमन-चैन बनाए रखने में सहयोग किया। इसके लिए हम जिला प्रशासन, चुनाव में लगे सभी कर्मियों, पुलिस प्रशासन और केन्द्रीय रिजर्व बल के जवानों के प्रति शुक्रिया अदा करता हूं।

Monday, May 18, 2009

केन्द्रीय राज्यमंत्री तसलीम उद्दीन के किले पर कांग्रेस का कब्जा

किशनगंज संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी मौलाना असरारूल हक काशमी आखिरकार पांचवी बार भारी अंतर से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंच गए । साथ ही श्री हक ने इतिहास की रचना करते हुए यहां कि माटी में पल-पोसकर दिल्ली पहुंचने वाले प्रथम सांसद भी बन गए। संसदीय क्षेत्र के छह विधान सभा क्षेत्रों के पांच में उनका दबादबा रहा ।

जिसमे ं किशनगंज जिला का बहादुरगंज, किशनगंज, ठाकुरगंज, कोचाधमन के अलावा पूर्णियां जिला के अमौर विधान सभा शामिल है। बायसी एक मात्र विधान सभा है जहां जदयू प्रत्याशी सैयद महमूद अशरफ को बढ़त मिली और राजद प्रत्याशी सह केन्द्रीय राज्यमंत्री तस्लीम यहां दूसरे स्थान पर रहे और पांच में तीसरे स्थान पर। कुल मिलाकर किशनगंज में न नीतीश का जादू चला, न ही राजद सुप्रिमो लालू प्रसाद का माय समीकरण।

सारे अटकलों पर विराम लगाते हुए मौलाना का व्यक्तित्व सब पर भारी पड़ा। यहां बातें दे कि मौलाना असरारूल हक चार बार हार का मुंह देख चुके हैं और वह भी बहुत कम अन्तराल से । आखिर पांचवी बार उन्होंने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह परिणाम इस बात का भी संकेत है कि सिर्फ चापलूसी करके जनता के दिल को नही जीता जा सकता, जीत मानक स्वच्छ व्यक्तित्व भी है ।

2.30 लाख मत प्राप्त करके हार गए थे चुनाव

हार-जीत और यश-अपयश मानव के हाथ में नही हैं। यह कहावत 15 वीं लोकसभा चुनाव पर भी सटीक है। लगातार चार चुनाव में डेढ़ लाख से अधिक मत प्राप्त करने वाले शान्ति प्रिय नेता मौलाना अशरारुल हक काशमी 16 मई को 2।39 लाख से अधिक मत प्राप्त करके 12।90 प्रतिशत के अन्तर से जदयू प्रत्याशी सैयद महमूद अशरफ को हराकर लोकसभा में पहुंच गए। यदि भाग्य साथ देता तो, श्री मौलाना पहले ही लोकसभा में पहुंच चुके होते ।
वे 1989 में 4।74 प्रतिशत के अन्तर से चुनाव हार गए थे। तब उन्हे 1,52 हजार पांच सौ 65 मत मिला था। इसी प्रकार 1998 में उन्हें दो लाख तीस हजार 256 मत मिला था और चुनाव हार गए थे। सनद रहे कि 1998 और 2009 के चुनाव परिणाम में केवल नौ हजार का अन्तर है,लेकिन श्री मौलाना को इस चुनाव में लीड मिली 81 हजार एक सौ 24 मतों का, वहीं 1998 में नौ मत कम पाकर वे चुनाव हार गए थे।
इस परिणाम को देखकर कहा जा सकता है कि ऊपर वाला भी सिर पर हाथ रखकर खड़ा हो, आवाम के दिल में भी जगह मिले और चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराए, तब किसी भाग्यवान को देश की सर्वोच्च पंचायत में बैठने का मौका मिलता है और ऐसा मौका मिले तो समर्थक रातभर जश्न मनाएंगे ही, जैसा कि 16 मई को रात साढ़े दस बजे जब चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद देखने को मिला, नारा और पटाखा से शहर गूंजने लगा ।