Wednesday, April 1, 2009

कानों-कान प्रचार में एक पार्टी लगा रही जीत का नारा

नेताओं ने प्रचार का तरीका बदल दिया है। एक खास प्रत्याशी के समर्थन में कानों-कान जीत का नारा लगवाया जा रहा। वहीं 15वीं लोकसभा में वोट डालने वाले अभी चुप है। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में लगभग पांच दिनों से कानों में जीत का नारा लगाने वाला एक दल सक्रिय देखा जा रहा है। किसी भी खास जगह,जहां पर माहौल को ले बहस होती है, इस दल के सदस्य जीत का फैसला सुना देते है।
कानों में प्रचार करने वाला यह दल किसी भी प्रकार के तर्क को सुनने को लिए तैयार नहीं है। नेता जी की कमजोर कड़ी की चर्चा करने पर ऐसे गुप्तचर प्रचारक तबाक से कहते है कि क्षेत्र को लोगों का निर्णय हो चुका है,कौन जीतेगा। इसी दल के एक सदस्य से एक मुखिया जी के बैठका में इस घुमन्तू का भी पाला पड़ा। घुमन्तू उनकी बात को सुनने के बाद तर्क रखकर हराना चाहे तो छद्मवेश धारी प्रचारक ने कहा कि ऐसा तर्क हवा-हवाई है ।
फिलहाल प्रचार की यह अनूठी शैली चौक-चौराहों, बैठक-खानों, सार्वजनिक स्थलों,मुखिया, सरपंच ,पंचायत समिति सदस्यों के चौपालों में सुनने को मिल रहा है। घुमन्तू ने इस प्रकार के नारों के असर को मापने लगे तो मतदाताओं ने कहा कि फोटो पहचान पत्र हुई अनियमितताओं को दूर कराने दीजिए।

छुटभैये नेताओं की बढ़ी पूछ,समर्थकों के जुगाड़ का जिम्मा

लोकसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सभी दलों के छुटभैये नेताओं की पूछ अचानक बढ़ गई है। प्राय: सभी दलों में अन्तर्कलह के कारण अब ऐसे नेता अचानक मेन स्ट्रीम में आ गये है जो अब तक बैक बेन्चर थे। मेन स्ट्रीम में आने के साथ ही इनके तेवर भी बदले- बदले से है। जनाब के तेवर बदले भी क्यों नहीं? इन्हे समर्थकों के जुगाड़ का जिम्मा भी दिया जा रहा है कारण नेता जी को फुर्सत कहां?

दर्जी की दुकान पर कुर्ता की नापी दे रहे एक छुटभैये नेता ने कहा कि साहब अभी तो हमलोगों का सीजन आया है आज तक जो नेता जी भरी मुंह बात भी नहीं करते थे अब सुबह होते ही मोबाइल पर उनके दर्शन होने लगे है। दर्जी को अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ये जनाब कहते है कि अरे जल्दी करिये नेताजी के आने का समय हो गया है समर्थकों की फौज नहीं जुटी तो दाल रोटी पर भी आफत हो जायेगी।

बात खत्म होती नहीं कि मोबाइल की घंटी बजने लगती है और नेताजी अपने लक्ष्य की ओर रवाना हो जाते है। इतना ही नहीं ये जनाब नेता जी को एक चतुर राजनीतिक खिलाड़ी की तरह सब्जबाग दिखाने में भी कोई कोताही नहीं बरतते। सर फलां इलाके में तो हवा आप ही के पक्ष में है सिर्फ कार्यकत्र्ताओं की नाराजगी दूर हो जाय बस।

नदियों के जल से प्यास बुझाते हैं कुकुरबाघी पंचायत के वनवासी वोटर

कच्चा कुआ एवं नदियों के जल से प्यास बुझाते हैं कुकुरबाघी पंचायत के वनवासी वोटर। वादा कर भूल जाते है जनप्रतिनिधि। यहां शुद्ध पेयजल हेतु आज तक कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया है। किशनगंज जिला के कुकुरबाघी पंचायत के साहेबगंज, ग्वालडांगी, वासनडूबी, महतो टोला व मैनागुड़ी के वनवासी समुदाय के लोग आजादी के छह दशक बाद भी कच्चा कुंआ एवं नदियों के जल से अपनी प्यास बुझाते है।

स्थानीय ग्रामीण वनवासियों ने बताया कि चुनाव के समय सभी राजनैतिक दल के नेता हम लोगों से कुंआ, नलकुप गड़वाने का वादा कर के वोट ले कर चले जाते है। कितने एमपी, एमएलए, मुखिया व सरपंच को हम वनवासी वोट दिये किंतु आज तक हमारे टोला व गांव में कुंआ नलकूप नहीं गाड़ा गया। मजबूरन आज भी हम लोग कच्चा कुंआ नदी व तालाब से पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते है। सरकारी कर्मियों से पूछने पर नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बंगाल सीमा पर स्थित कुकुरबाघी पंचायत जो वनवासी बाहुल क्षेत्र है,यहां टयूबेल गाड़पाना संभव नहीं है, कारण इस पंचायत की जमीन पथरीली है।

जबकि सरकार की ओर से जनजाति क्षेत्र में टयूबेल गाड़ने हेतु विशेष अनुदान मिलती है। पथरीली जमीन में टयूबेल गाड़ने में अधिक खर्च के कारण जन प्रतिनिधियों के इशारे पर सरकारी कर्मी पथरीली इलाका छोड़ मैदानी इलाके में टयूबेल गाड़ या बिना गाड़े लागत खर्च का बंदरवाट कर लेते है जिससे इस पंचायत के जनजातियों को शुद्ध पेयजल अब तक नसीब नहीं हो पाया है।

Tuesday, March 31, 2009

ख़बरों की सुर्खियाँ: मार्च 31

चुनावी मैदान सजकर तैयार, पांच प्रत्याशी मैदान में - किशनगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए पांच प्रत्याशी ताल ठोककर मैदान में उतर चुके है। राजद के प्रत्याशी सह निवर्तमान सांसद तस्लीमउद्ीन के अलावा,राजग से जदयू प्रत्याशी सैयद महमूद अशरफ, कांग्रेस पार्टी से ठाकुरगंज के पूर्व विधायक डा।जावेद आजाद, राष्ट्रीय सेवा दल से भाजपा के पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह और बसपा से अधिवक्ता मो।जुवैर आलम ताल ठोंककर चुनाव मैदान में उतर चुके है।


बीडीओ और मुखिया को जिला जज ने दी जमानत - वीपीएल नम्बर आईआरडी-4354/0702 ,नाम बीना देवी पति नागेन्द्र दास,निवासी विशनपुर को 22 मार्च 2006 को इन्दिरा आवास आवंटित नहीं किया गया है।


साजिश के तहत किया गया था कमेटी का गठन - स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के मंगुरा पंचायत अंतर्गत मदरसा इमदादिया मंगुरा करुआमनी में लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर अन्तत: विभागीय जांच के बाद विराम लग गया।


कहीं पर निगाहे कहीं पर निशाना - संसदीय क्षेत्र के महादंगल में किशनगंज चित्त भी मेरी और पट भी मेरी का दावा करने वाले राजद कार्यकर्ता अभी से ही दिवास्वपन् देखने में व्यस्त है।


भूमि गरीबों की कब्जा दबंगों का - अंचलाधिकारी से लेकर डीएम तक, विधायक से लेकर सांसद तक हर दरवाजे पर अपनी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाने की गुहार अनसुनी होने के बाद मुख्यमंत्री के जनता दरबार में ठाकुरगंज के दर्जनों गरीब आदिवासियों की गुहार भी असर नहीं दिखा पाई है।


कांग्रेस,राजद व लोजपा के बीच चुनावी दंगल रणनीति: त... - वामदल के साथ आपका कैसा संबंध है यह पूछे जाने पर केन्द्रीय राज्यमंत्री मो। तस्लीमुद्दीन ने 27 मार्च को पत्रकारों को बताया कि वामदल वस्तुत: अब कोई दल नहीं रह गया है,

चुनावी मैदान सजकर तैयार, पांच प्रत्याशी मैदान में

किशनगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए पांच प्रत्याशी ताल ठोककर मैदान में उतर चुके है। राजद के प्रत्याशी सह निवर्तमान सांसद तस्लीमउद्ीन के अलावा,राजग से जदयू प्रत्याशी सैयद महमूद अशरफ, कांग्रेस पार्टी से ठाकुरगंज के पूर्व विधायक डा।जावेद आजाद, राष्ट्रीय सेवा दल से भाजपा के पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह और बसपा से अधिवक्ता मो।जुवैर आलम ताल ठोंककर चुनाव मैदान में उतर चुके है।

इधर युवा मतदाताओं का कहना है कि इनमें से जो जाति -मजहब की राजनीति करेगे,वे समाज को बांटने का काम करेगे। समाज को बांटना अनीति है। ऐसे लोगों को वोट नहीं देना चाहिए। गौरतलब है कि सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 30 अप्रैल को मतदाता करेगे,जिसमें दो लाख 86 हजार से अधिक युवा वोटरों की मुख्य भूमिका होगी। यह युवा वर्ग जैसा प्रतिनिधि चुनेंगे,वैसा ही उनका भविष्य होगा। देखना है कि तीस अप्रैल तक तक प्रत्याशियों को सुनकर मतदाता कितना निष्पक्ष निर्णय सुनाते है।

बीडीओ और मुखिया को जिला जज ने दी जमानत

वीपीएल नम्बर आईआरडी-4354/0702 ,नाम बीना देवी पति नागेन्द्र दास,निवासी विशनपुर को 22 मार्च 2006 को इन्दिरा आवास आवंटित नहीं किया गया है। इसके स्थान पर बीपीएल संख्या 1017/206मीना देवी पति नगेन्द्र सिंह को इन्दिरा आवास दिया गया है। यह जानकारी बीडीओ कोचाधामन नूर अहमद शिवली ने एक बयान हल्फी में दिया जिसके आधार पर अभियुक्त मीनी देवी पति नागेन्द्र, मुखिया विशनपुर पिन्टु चौधरी, बीडीओ कोचाधामन नूर अहमद शिवली एवं लिपिक प्रखंड कार्यालय किशनगंज को जिला जज माननीय गोपाल कृष्ण झा ने सोमवार को जमानत दे दी।

वाद पर बहस विद्वान अधिवक्ता राजीव रंजन बावला ने किया। सनद रहे है कि सरकारी अधिवक्ता जिला किशनगंज को सुपुर्द बयानहल्फी में बीडीओ नूर अहमद शिवली ने जानकारी दी है कि वादी नागेन्द्र प्रसाद दास पिता कुंदन लाल साकिन विशनपुर को वित्तीय वर्ष 1998-99 में अभिलेख संख्या 252/98-99 के द्वारा इन्दिरा आवास दिया गया है। वे योजना की प्रथम और द्वितीय किश्त भी उठा चुके हैं। गौरतलब है कि वादी और जिसके नाम से आवास आवंटन का आरोप न्यायालय में वाद दायर करके लगाया था कि दोनों के पति का नाम एक किन्तु सरनेम एक का दास और दूसरे का सिंह है।

साजिश के तहत किया गया था कमेटी का गठन

स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के मंगुरा पंचायत अंतर्गत मदरसा इमदादिया मंगुरा करुआमनी में लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर अन्तत: विभागीय जांच के बाद विराम लग गया। दरअसल मदरसा नम्बर 510 में पुराने एवं नए प्रबंधन समिति के गठन के अस्तित्व को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। गौरतलब है कि पुराने प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मो। मेताब आलम द्वारा नयी समिति गठित कर खुद को सचिव पद पर बहाल दिखाया गया था।

इस बाबत मदरसा बोर्ड पटना के पत्रांक 3032 दिनांक 14।11।08 के आलोक में स्थलीय जांच की गई। जिसमें नये समिति में अध्यक्ष पद पर बहाल किए गए मो. मुस्लिम ने समिति गठन संबंधी ऐसी किसी भी बैठक की जानकारी से खुद को अनभिज्ञ बताया जिसमें उन्हे अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं आम लोगों द्वारा भी नये समिति के गठन की खबर का पुरजोर विरोध किया गया।

पुराने सदस्य मसीरउद्दीन, मो. उस्मान व मोहीउद्दीन के अनुसार यह सारा विवाद अध्यक्ष महताब आलम द्वारा निजी हित के लिए उत्पन्न किया गया है। जिसका पूरे गांव के लोगों ने विरोध किया है। विभागीय कर्मचारी मो. सुलेमान के अनुसार नई कमेटी को जनता का समर्थन प्राप्त नहीं है। अत: पुरानी कमेटी को ही बहाल रखा गया है जबकि सारी प्रक्रिया मदरसा बोर्ड के नियमानुसार ही किया जा रहा है।

कहीं पर निगाहे कहीं पर निशाना

संसदीय क्षेत्र के महादंगल में किशनगंज चित्त भी मेरी और पट भी मेरी का दावा करने वाले राजद कार्यकर्ता अभी से ही दिवास्वपन् देखने में व्यस्त है। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो इस संसदीय चुनाव में न राजग गठबंधन को मिला कोई नया कद्दावर चेहरा न यूपीए गठबंधन को। दोनों गठबंधन अटूट रहा भी नहीं। यूपीए गठबंधन में अभी भी रहने का दावा करने वाले राजद प्रत्याशी राजद के वहीं पुराने कद्दावर नेता है जिन्हे एक बार पूर्णिया संसदीय सीट से तथा तीन बार किशनगंज संसदीय सीट से जीत दर्ज करने का सौभाग्य प्राप्त है।

वे चौथी बार किशनगंज संसदीय सीट से महादंगल में कूदने का मन बना चुके है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के धूमधाम का मतदाताओं से सम्पक करने में व्यस्त हो गए है। यूपीए गठबंधन में सेंघ लगाने के लिए कांग्रेस ने किशनगंज से अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है वहीं राजग गठबंधन के प्रमुख घटक दल भाजपा की परम्परागत सीट पर सेंघ लगाकर जदयू के आलाकमान ने जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारा है उसका खामियाजा जदयू को भुगतना होगा, इसे नकारा नहीं जा सकता।

किशनगंज जिला भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता कहीं पर निगाहे कहीं पर निशाना वाली उक्ति को चरितार्थ करने में व्यस्त दिखेंगे। इसे भी नकारा नहीं जा सकता। वरुण गांधी प्रकरण में वरुण के प्रति जदयू के निरंतर तीखे होते तेवर का भी बुरा प्रभाव किशनगंज संसदीय सीट के जदयू प्रत्याशी के चुनावी गठित पर पड़ेगा। इसे भी नकारा नहीं जा सकता।

भूमि गरीबों की कब्जा दबंगों का

अंचलाधिकारी से लेकर डीएम तक, विधायक से लेकर सांसद तक हर दरवाजे पर अपनी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाने की गुहार अनसुनी होने के बाद मुख्यमंत्री के जनता दरबार में ठाकुरगंज के दर्जनों गरीब आदिवासियों की गुहार भी असर नहीं दिखा पाई है। कार्रवाई पत्र में हर आवेदक को एक सप्ताह से दस दिनों के अंदर उसके नाम आवंटित जमीन उपलब्ध करवा देने के आश्वासन के डेढ़ माह गुजरने के बाद भी इस मामले में प्रशासन की लापरवाही जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम को औचित्यहीन बना दिया है।
रामदेव रजक निबंधन संख्या 04224201552 की एक एकड़ जमीन पर सपन साहा के अवैध कब्जा की बात प्रशासन कबूलता है तथा एक सप्ताह के अंदर जमीन पर दखल दिलाने का आश्वासन भी देता है परंतु डेढ़ माह बाद भी कार्रवाई नदारद है। वहीं दुखा सदा जिनके आवेदन 0402920147 पर प्रशासन इनकी एक एकड़ जमीन पर निरंजन अग्रवाल का अवैध कब्जा मानता है।
रसीक सदा जिनके 0422420149 निबंधन संख्या के तहत दिए गए आवेदन को प्रशासन सही मानते हुए इनकी जमीन पर बंगाल के सपन साहा के अवैध कब्जे को स्वीकारता है। वहीं उर्मीला देवी की एक एकड़ जमीन पर बागडोगरा के नंदू पाल का अवैध कब्जा तो उत्तमलाल सदा के पिता के नाम दर्ज 99 डिसमील जमीन पर शोभा चंद्र अग्रवाल का कब्जा ऐसे ढेरों आवेदन है जिन पर प्रशासन ने एक सप्ताह से दस दिनों के अंदर दखल दिलाने की घोषणा की थी परंतु डेढ़ माह गुजर गए कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति ही की गई।

कांग्रेस,राजद व लोजपा के बीच चुनावी दंगल रणनीति: तस्लीमुद्दीन

वामदल के साथ आपका कैसा संबंध है यह पूछे जाने पर केन्द्रीय राज्यमंत्री मो। तस्लीमुद्दीन ने 27 मार्च को पत्रकारों को बताया कि वामदल वस्तुत: अब कोई दल नहीं रह गया है, सच तो यह है कि यह भ्रमित लोगों के भ्रमित विचार वालों का ही दल है जो क्रमबद्ध ढंग से गौण होता जा रहा है। कांग्रेस के साथ राजद का कैसा संबंध है क्या यूपीए विघटित हो गया है के सवाल पर तस्लीमुद्दीन ने बताया कि न यूपीए विघटित हुआ है और न राजद का कांग्रेस से संबंध विच्छेद हुआ है।

बिहार में कांग्रेस,राजद व लोजपा के बीच जो चुनावी दंगल हो रहा है वह एक विशेष रणनीति के तहत है ताकि संसदीय चुनाव में राजग का अस्तित्व गौण हो जाय। उन्होंने दावे के साथ कहा कि संसदीय चुनाव में राजग का अस्तित्व बौना होगा ही। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद यूपीए के घटक दल मिलकर नई शक्ति के साथ सरकार बनायेंगे। यह पूछे जाने पर अगर आप चुनाव जीत गए तो आपकी क्या प्राथमिकता होगी? मो. तस्लीमुद्दीन ने बताया कि मेरी पहली प्राथमिकता होगी इस पिछड़े सीमांचल में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार एवं जन सामान्य की आवश्यक सुविधाओं में अधिकाधिक विकास।

Friday, March 27, 2009

ख़बरों की सुर्खियाँ: मार्च 27

तीस अप्रैल: दो बूथ पर करेगे 1752 मतदाता मतदान - स्थानीय प्रखंड के मदरसा नजमुल होदा (जिसका अर्थ है- हिदायत सितारों का) मोतिहारा तालुका में बूथ संख्या 142 व143 है ,जहां पर 30 अप्रैल को कुल एक हजार सात सौ 52 मतदाता मतदान करेगे और दागी उम्मीदवार को अपना वोट नहीं देंगे।

पुलिस ने दर्ज कराई पूरे गांव पर प्राथमिकी - पुलिस पर पथराव तथा नाजायज मजमा लगाकर सड़क मार्ग अवरुद्ध करने को लेकर पुलिस ने ग्रामीणों के विरुद्ध दो अलग अलग प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना 22 मार्च की रात्रि खरखरी डकैती कांड से जुड़ी हुई है।

अविश्वास प्रस्ताव की तिथि को ले बीडीओ को हाई कोर्ट... - प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को लेकर माननीय उच्च न्यायालय पटना ने कार्यपालक पदाधिकारी सह बीडीओ रामकुमार पोद्दार को कारण पृच्छा नोटिस जारी किया है।

किशोर-किशोरी कार्यक्रम का निदेशक ने किया मूल्याकंन... - नेहरू युवा केन्द्र द्वारा चल रहे किशोर किशोरी परियोजना के अंतर्गत सात दिवसीय आवासीय रुरल काउंसिलिंग प्रशिक्षण शिविर का मूल्यांकन किया गया।

परीक्षा देने आए छात्रों को सताती है रोटी की चिंता - प्रदेश में किशनगंज जिला छात्र-छात्राओं के नामांकन में अव्वल है,लेकिन वे पढ़ नहीं पाते। 'गरीबी' उन्हे काम करने के लिए मजबूर करती है। ऐसे बच्चे स्कूल में पढ़ने के साथ पापड़ आदि बेंचते है।

तीस अप्रैल: दो बूथ पर करेगे 1752 मतदाता मतदान

स्थानीय प्रखंड के मदरसा नजमुल होदा (जिसका अर्थ है- हिदायत सितारों का) मोतिहारा तालुका में बूथ संख्या 142 व143 है ,जहां पर 30 अप्रैल को कुल एक हजार सात सौ 52 मतदाता मतदान करेगे और दागी उम्मीदवार को अपना वोट नहीं देंगे। यह जानकारी मौके पर हाई स्कूल के छात्रों ने बातचीत में दी और कहा कि -'हम लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है,लेकिन हम लोग मतदाताओं और अपने परिवार के सदस्यों को बताएंगे कि राष्ट्र और लोकतंत्र के हित में मतदान करना है।

दागी उम्मीदवार को यदि हम वोट नहीं देंगे,तो राजनीतिक पार्टियां मजबूर होकर समाज के सेवा करने वाले सामाजिक व्यक्ति को प्रत्याशी बनाएंगे'। एक सवाल पर बच्चों ने कहा कि यदि सभी पार्टी दागदार छवि के नेताओं को प्रत्याशी बनाएंगे तो सबसे कम दागदार उम्मीदवार के पक्ष में लोगों से मतदान करने की अपील हम युवा वर्ग के लोग करेंगे। इस क्रम में कुरान की छह हजार छह सौ 66 आयतें याद करने की मुहिम में तल्लीन 14 वर्षीय छात्र अंजार आलम ने कहा कि आज के नेता जैसा होगा,वैसा ही कल का भारत होगा।

कल हमारा है,इसलिए हम लोग अपने माता-पिता से देश की सबसे बड़ी पंचायत में सबसे ईमानदार प्रतिनिधि को चुनकर भेजने के लिए कहेगे । इससे पहले शिक्षकों ने कहा कि इस मदरसा में हाई स्कूल तक पढ़ाई होती है और कुल 550 बच्चे पढ़ रहे है,लेकिन शौचालय तक नहीं है। कुल 12 कक्ष में किसी तरह 550 छात्र पढ़ रहे है।

पुलिस ने दर्ज कराई पूरे गांव पर प्राथमिकी

पुलिस पर पथराव तथा नाजायज मजमा लगाकर सड़क मार्ग अवरुद्ध करने को लेकर पुलिस ने ग्रामीणों के विरुद्ध दो अलग अलग प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना 22 मार्च की रात्रि खरखरी डकैती कांड से जुड़ी हुई है। यह दोनों मामला छतरगाछ पुलिस पिकेट के इंचार्ज सुर्यदेव दूबे ने पहाड़कट्टा थाना में दर्ज कराते हुए 36 नामजद के साथ साथ दो -तीन सौ अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया है। पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने से गांव में सन्नाटा व्याप्त है।

घटना के बाबत बताया गया है कि जब श्री दुबे सशस्त्र बल के साथ खरखरी में डकैती होने की सूचना पर रात्रि 1।15 बजे वहां पहुंचे तो ग्रामीणों ने पुलिस जीप को घेरकर पथराव किया और जानलेवा हमला भी किया गया जिसमें सिपाही के साथ-साथ उन्हे भी चोटे आई। सरकारी जीप बीआर37/2392 को पूरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया।


भीड़ का नेतृत्व कमल किशोर राय कर रहे थे। इस भीड़ में दो-तीन सौ लोग थे। जिसमें से 36 लोगों को पहचान लिया गया। मामला कांड संख्या 39/09 धारा 147, 148, 149, 353, 323, 307, 332, 427 तथा 337 के तहत दर्ज करते हुए इन सभी 36 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। उक्त सभी लोग खरखरी के ही निवासी है। इधर घटना की सुबह ग्रामीणों द्वारा मजमा बनाकर ठाकुरगंज-किशनगंज मार्ग को अवरुद्ध करने को लेकर एक और मामला दर्ज हुआ है। इसे भी छतरगाछ पुलिस पिकेट के श्री दुबे ने दर्ज करते हुए कहा है कि डकैती कांड के अनुसंधान एवम् छापामारी के लिए जब वे पहुंचे तो सड़क मार्ग जाम था। लोगों को समझाया बुझाया गया लेकिन मेरे एवम पुलिस कर्मियों के साथ दु‌र्व्यवहार किया गया।

मामला कांड संख्या 40/09 धारा 147, 148, 149, 353, 341, 342 तथा 427 के तहत दो तीन सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज किया गया। इस प्रकार डकैती कांड को लेकर अब तक तीन मामला दर्ज हो चुका है। पहला मामला डकैती के शिकार धीरेन्द्र दास ने दर्ज कराते हुए इसमें कुल 45 लाख से भी अधिक सम्पत्ति लुटने की बात कही है। इसमें 0 से 35 लाख के आभूषण, आठ लाख नगद, दो वीडीओ कैमरा एवं डिजिटल कैमरा आदि शामिल है।

बकौल धीरेन्द्र दास खरखरी तथा आस-पास के गांव के लोग सुरक्षा के दृष्टिकोण से उनके घर आभूषण रखते थे। लूटे गए आभूषणों में अधिकांश ग्रामीणों के है। जिन्हे वह पोटली में बांधकर नाम व पता के साथ सुरक्षित रख देते थे। बहरहाल डकैती की घटना तथा इसके बाद उपजे माहौल से ग्रामीण खासे डरे-सहमे व सशंकित है और गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।

अविश्वास प्रस्ताव की तिथि को ले बीडीओ को हाई कोर्ट से कारण पृच्छा

प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को लेकर माननीय उच्च न्यायालय पटना ने कार्यपालक पदाधिकारी सह बीडीओ रामकुमार पोद्दार को कारण पृच्छा नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के हवाले से पूछा गया है कि आखिर किस परिस्थिति में उन्होंने 12 मार्च को पंचायत समिति की बैठक के लिए सूचना निकाली। 25 मार्च को बुलायी गई बैठक के लिए 12 मार्च को सूचना निकालने के पीछे उनकी क्या मंशा थी? यह निर्णय स्वत: लिया गया था अथवा किसी के दबाव में।

बताया जाता है कि प्रमुख गुट के सदस्य बीडीओ के पत्रांक 202 दिनांक 12 मार्च 09 के उस पत्र से नाखुश थे जिसमें बीडीओ ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 25 मार्च को इस सूचना के तहत बैठक बुलायी थी। इसके फलस्वरूप वे न्यायालय की शरण में गए जहां से न्यायालय ने बीडीओ से उनकी मंशा पूछी है। न्यायालय का यह निर्णय 24 मार्च को जिला प्रशासन को मिला था जिसमें न्यायालय ने डीएम से अविश्वास प्रस्ताव की बैठक एडीएम स्तर के ही पदाधिकारी की देखरेख में कराने की बात कही।

इसमें इस बैठक से बीडीओ श्री पोद्दार को अलग रखने का निर्देश भी दिया गया। यहां बताना जरूरी है कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पूर्व में 9 मार्च को बैठक रखी गयी थी परंतु पटना उच्च न्यायालय में दायर रिट सीडब्लूजेसी 3028/09 के आलोक में छह मार्च को फैसला दिया गया कि अब बैठक छह अप्रैल से पूर्व रखी जाए, जिसके लिए दस दिन पूर्व सूचना निकालना अनिवार्य होगा और इसी के मद्देनजर बीडीओ ने 12 मार्च को सूचना निकाली।

किशोर-किशोरी कार्यक्रम का निदेशक ने किया मूल्याकंन

नेहरू युवा केन्द्र द्वारा चल रहे किशोर किशोरी परियोजना के अंतर्गत सात दिवसीय आवासीय रुरल काउंसिलिंग प्रशिक्षण शिविर का मूल्यांकन किया गया। स्थानीय सरावगी अतिथि सदन में 22 मार्च से चल रहे प्रशिक्षण शिविर का नेहरू युवा केन्द्र के मंडल निदेशक मो। खालिद अंसारी खान ने किशोर किशोरी, सीमाचंल टीम क्लब, राष्ट्रीय टीम क्लब तथा युवा कल्ब का गंभीरता से मूल्याकंन किया।
उन्होंने युवाओं तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी क्षमता, रुचि, योग्यता और इच्छा की पहचान कर कैरियर का चयन करना चाहिए जो उनकी क्षमता से मेल खाता हो।

इस अवसर पर नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्वयक टी एन सिंह ने कहा कि किशोर किशोरी जीवन कौशल प्रशिक्षण एक वरदान के रूप में साबित हो रहा है। इससे पहले जिला परियोजना पदाधिकारी रंजीत कुमार सिंह ने आगत अतिथि का स्वागत किया तथा प्रशिक्षण को महत्व को विस्तार से बतलाया। इस कार्यक्रम में इमरान आलम, दीपिका दत्ता व परवेज आलम ने सराहनीय सहयोग किया।

परीक्षा देने आए छात्रों को सताती है रोटी की चिंता

प्रदेश में किशनगंज जिला छात्र-छात्राओं के नामांकन में अव्वल है,लेकिन वे पढ़ नहीं पाते। 'गरीबी' उन्हे काम करने के लिए मजबूर करती है। ऐसे बच्चे स्कूल में पढ़ने के साथ पापड़ आदि बेंचते है। शिक्षक और जनप्रतिनिधि इसका मुख्य कारण सिकुड़ती जमीन और बढ़ता परिवार मुख्य कारण मानते है। स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के सिंघिया कुलामनी मध्य विद्यालय में छब्बीस मार्च को सवा दस बजे परीक्षा की तैयारी चल रही थी और परीक्षा देने आए बच्चे बेंच रहे थे पापड़।

प्रधान शिक्षक द्वारा इस सवाल पर बताया गया कि अभिभावक दुकान को चलाते है। वे इधर -उधर कहीं गए होंगे। सिंघिया कुलामनी के मुखिया मो.रज्जाक ने जानकारी दी कि सिंघिया मध्य विद्यालय के सभी शिक्षक अनुशासित है। समय से स्कूल आते हैं और मेहनत से पढ़ाते है लेकिन गरीबी की वृद्धि के ग्राफ को वे नहीं रोक सकते ,जो सर्व शिक्षा अभियान के मार्ग में सबसे बढ़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार के सदस्य जनसंख्या नियंत्रण को लेकर जागरूक नही

सवाल पर उन्होंने कहा कि पांच वर्ष के अन्दर ,मुख्यतया नरेगा योजना लागू होने के बाद प्रत्येक परिवार की सभी स्रोतों से आय लगभग 36 हजार रुपए वार्षिक से अधिक है परन्तु प्रति व्यक्ति आय चार हजार से भी कम है।उन्होंने कहा कि जब तक भूख का मसला हल नहीं होगा,तबतक सर्व शिक्षा अभियान को भी मुकाम नहीं मिलेगा और भूख की समस्या तभी हल होगी,जब जनसंख्या वृद्धि की दर स्थिर होगी।

Thursday, March 26, 2009

न्यायिक अधिकारी: चारदीवारी के अभाव में असुरक्षित

करोड़ों लोगों को न्याय व सुरक्षा देने वाले न्यायिक अधिकारी स्वयं अपनी सुरक्षा को लेकर चिन्तित है। किशनगंज न्यायालय में कार्यरत माननीय न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर में अब तक चारदीवारी नहीं बनने से वे असुरक्षा के माहौल में जी रहे है। हाल ही में न्यायिक अधिकारी के आवासीय परिसर में हुई चोरी की प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद चोर पुलिस पकड़ से दूर है। ज्ञात हो कि न्यायालय परिसर स्थित मालखाने से भी कई बार चोरी हुई है।

माननीय एडीजे अमरेन्द्रपति त्रिपाठी द्वारा चारदीवारी के निर्माण हेतु कई बार भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखने के बावजूद अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। एडीजे श्री त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय में कार्य अवधि के समय परिवार व बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। उन्होंने बताया कि विभागीय सचिव को लिखित जानकारी देकर अविलंब चारदीवारी निर्माण करवाने का अनुरोध किया जायेगा ताकि न्यायिक अधिकारियों का आवास असामाजिक तत्वों व चोरों की पहुंच से दूर रहे।

पदाधिकारियों के कई पद रिक्त : डीएम

जिले में कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों का घोर अभाव है। यह जानकारी जिलाधिकारी फेराक अहमद ने दी। श्री अहमद ने मंगलवार को जागरण से बात कर रहे थे। यह पूछे जाने पर कि जिले में कुछ प्रखंड पदाधिकारियों के साथ-साथ वरिष्ठ पदाधिकारियों का जो अभाव हे क्या उसका बुरा असर आसन्न संसदीय चुनाव पर पड़ सकता है।

श्री अहमद ने बताया कि ऐसी संभावना है कि निकट भविष्य में उनकी कमी पूरी हो जायेगी वैसे अभी तक ठाकुरगंज कोचाधामन एवं टेढ़ागाछ में प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद रिक्त है। स्थानांतरित प्रखंड पदाधिकारियों के स्थान पर नये पदाधिकारियों का पदस्थापना प्रभावी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सम्प्रति जिला मुख्यालय में जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी एवं दो कार्यपालक दंडाधिकारी के पद रिक्त है।

Wednesday, March 25, 2009

जिले में चाहिए 168 और मतदानकर्मी- डीएम

जिले में 168 मतदानकर्मियों का अभाव है जिसके लिए निर्वाचन आयोग को लिख दिया गया है। ये मतदानकर्मी अन्य जिलों से आयेंगे। यह जानकारी जिलाधिकारी फेराक अहमद ने दी। श्री अहमद 24 मार्च को निर्वाचन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक दस, पन्द्रह मतदान केन्द्रों पर एक- एक सेक्टर मैजिस्ट्रेट तैनात होंगे। इसके लिए 69 सेक्टर मैजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर ली गई है।

नियुक्त सभी सेक्टर मैजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र के मतदान केन्द्रों के प्रभारी होंगे तथा वे मतदान केन्द्रों से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं के लिए जिम्मेवार होंगे। डीएम ने बताया कि सभी सेक्टर मैजिस्ट्रेट पदाधिकारी स्तर के होंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कमजोर वर्ग के अथवा दलित या महादलित वर्ग के मतदाता किसी के डराने,धमकाने अथवा प्रलोभित किए जाने का शिकार न हो और वे निर्भीक होकर निष्पक्ष रूप से मतदान कर सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि 25 मार्च से प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ साथ जितने भी अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी है उन्हे मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान करेगे। यह प्रशिक्षण दो दिनों तक चलेगा। श्री अहमद ने यह भी बताया कि 27 मार्च से 02 अप्रैल तक सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की मतदाताओं को नई इवीएम मशीन से मतदान करने के संबंध में जानकारी दी जायेगी जिससे वे आसानी से और सही ढंग से मतदान कर सकें। श्री अहमद ने बताया कि जिले में जितनी इवीएम मशीन की आवश्यकता है वह जिले को प्राप्त हो चुकी है।

मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की जद्दोजहद जारी

प्रतिदिन बदलते राजनैतिक समीकरणों के बीच किशनगंज संसदीय क्षेत्र में राजद लोजपा एवं राजद व कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की जद्दोजहद जारी है। 2005 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर यदि गौर करे तो तीनों गठबंधन के बीच किशनगंज में कांटे की लड़ाई नजर आयी थी।

2005 के विधानसभा चुनाव में किशनगंज विधानसभा में राजद को 47693 एवं लोजपा को 19486 वोट मिला था। वहीं ठाकुरगंज में लोजपा को 26883 तो बहादुरगंज में लोजपा को 1991 वोट मिला। इधर बायसी विधानसभा में राजद उम्मीदवार को 26042 एवं लोजपा को 10441 वोट मिला। बात यदि अमौर विधानसभा की करे तो यहां राजद लोजपा गठबंधन के उम्मीदवार व तस्लीमुद्दीन के नजदीकी रिश्तेदार सपा उम्मीदवार सवा जफर को 27423 वोट मिला था वहीं लोजपा उम्मीदवार को 4521। इस तरह परिसीमन के बाद के किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में अवस्थित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में राजद लोजपा गठबंधन को 164480 वोट मिला। वहीं राजग गठबंधन में भाजपा को किशनगंज में 39239 अमौर में 11720 एवं ठाकुरगंज में 17699 वोट मिला।

इधर चुनाव के समय समाजवादी पार्टी व वर्तमान में जदयू में शामिल गोपाल अग्रवाल को ठाकुरगंज में 38592 वोट मिला था। अब बात यदि बहादुरगंज की करे तो यहां जदयू उम्मीदवार को 8712 वोट मिला था वहीं अमौर में भाजपा को 23723 एवं जदयू समर्थित निर्दलीय सैयद रुकनुद्दीन को 30153 मत मिला था। इस अनुसार राजग गठबंधन को 169738 वहीं कांग्रेस को ठाकुरगंज में 32483, बहादुरगंज में 58938 एवं अमौर में 42041 अर्थात् कांग्रेस उम्मीदवार को कुल 133462 वोट मिला था।