महंगाई से परेशान गरीबों को नहीं मिला है जुलाई 2009 से अनाज। बच्चो को भूखा सोते देखकर गरीब परिवार त्राहिमाम कर रहे हैं। इन लोगों ने जन वितरण प्रणाली पर कालाबाजारी का आरोप लगाया है। सूत्र बताते हैं कि कूपन का वितरण किये बिना ही टेढ़ागाछ में गरीबी उन्मूलन मद का अनाज डीलरों को दिया गया है जिसे अधिकांश ऊंचे भाव पर बाजार में ले जाकर डीलर सेंक लिये हैं। यह भी आरोप है कि नये धान के आवक के बाद चावल सस्ता होने पर डीलर कूपन आधारित अनाज का वितरण करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रखंड क्षेत्र में जुलाई 09 से बीपीएल के अनाज का वितरण नहीं होने से गरीबों में हाहाकार मचा हुआ है। उनके बच्चे भूख से परेशान और आधा पेट खाकर गुजारा कर रहे हैं। गौरतलब हो कि कूपन वितरण की जिम्मेवारी सरकारी महकमा से लेकर मुखिया, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य आदि की बनती है। उन लोगों के गलती का खामियाजा बेबश, लाचार, गरीब क्यों भुगत रहा है और खाद्यान्न के लिए पंचायत प्रखंड का चक्कर क्यों लगा रहा है।
Friday, November 13, 2009
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