Monday, December 21, 2009

गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम से खिलवाड़ पर दर्ज हो प्राथमिकी

स्थानीय प्रखंड मुख्यालय में स्थित सेन्ट्रल बैंक, स्टेट बैंक आफ इंडिया और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के प्रबन्धकों का दावा है कि उनके द्वारा वित्त पोषित सेल्फ हेल्प गु्रपों में अधिकांश धरातल पर कार्य कर रही हैं। वहीं स्वयं सहायता समूह सिद्धू-कान्हू नटुआपाड़ा दोना-पत्तल का उत्पादन राशि के अभाव नही कर पा रहा है। जिससे इस समूह के सदस्य हताश और निराश हैं। यह जानकारी जिला परिषद सदस्य सह पूर्व जिप उपाध्यक्ष शकील अख्तर राही ने दी। उन्होंने बताया कि सेन्ट्रल बैंक बहादुरगंज की शाखा द्वारा दोना-पत्तल उत्पादन के लिए सिद्धू-कान्हू स्वयं सहायता समूह को स्वीकृति शेष राशि नही देकर गरीबी उन्मूलन योजना को प्रभावित किया जा रहा है।

गौरतलब है इस स्वयं सहायता समूह को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए एक वर्ष पहले तत्कालीन सेन्ट्रल बैंक के प्रबन्धक और बीडीओ ने उद्घाटन स्थल पर 50 लाख रुपए सीसी करने का वादा किया था। वहीं आज हालात यह कि इस समूह के लिए 3।55 लाख रुपए में से 1।95 लाख रुपए का भुगतान ही नही किया गया जिसके चलते एक लाख 35 हजार रुपए मूल्य की दोना पत्तल बनाने की चार मशीनें और एक जनसेट बेकार पड़ा हुआ है और स्वयं सहायता समूह के सदस्य हताश हैं। वहीं बैंक के सूत्रों ने मैनेजर के हवाले से जानकारी दी कि सिद्धू-कान्हू स्वंय सहायता समूह उत्पादन शुरू करें, शेष राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

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