संकल्प से मिलती है डगर और डगर से मिलती है मंजिल। किशनगंज प्रखंड क्षेत्र के दौला पंचायत में स्थित मदरसा मोआदुल होदा अल इस्लामी तुबानगर पोरलाबाड़ी इसी डगर पर दो वर्ष से चल रहा है। दुकान चलाकर गुजारा कर रहे इस मदरसा के नाजिम दो वर्ष पूर्व से नि:शुल्क आवासीय मदरसा चल रहे हैं जिसमें इस समय 390 बच्चे पढ़ रहे हैं। इस मदसरा की अनुकरणीय व्यवस्था यह है कि दूरदराज के 90 बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जा रही है जिनके लिए भोजन की व्यवस्था पोरलाबाड़ी के ग्रामीण करते हैं। नाश्ता से लेकर भोजन तक वे लोग अपने-अपने घरों से बनाकर पहुंचाते हैं। वहीं अन्य तीन सौ बच्चे भी हैं, जो प्रतिदिन अपने घर से मदरसा में आते-जाते हैं। समाज के सहयोग से जो राशि मिलती है,उसे छह शिक्षकों में मानदेय के रुप बांट दी जाती है। इससे किसी महीने में दो हजार और किसी महीने में तीन हजार रुपए शिक्षकों मिल जाता है। इस बावत सरपंच मो. सैफूल्लाह और नाजिम मो. रिजवान के पिता सह सेवा निवृत्त मुदर्रिश अब्दुल कुद्दुश ने बताया कि मदरसा में वर्ग पांच की शिक्षा दी जा रही है जिसमें अरबी, फारसी, हिन्दी, हिसाब और अंग्रेजी विषय शामिल है।
Thursday, December 24, 2009
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