वाणिज्य विभाग की आंखें बंद होने से ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए मूल्य की आपूर्ति की गई सोलर लाइट पर वैट नही जमा हो रहा है। वहीं वैट जमा कर रहे व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं। जिला योजना के अन्तर्गत जो कंपनियां सोलर लाइट की आपूर्ति कर रही हैं,उन्हें चार प्रतिशत वैट स्थानीय वाणिज्य कर कार्यालय में जमा करना पड़ रहा है। वहीं जो कंपनियां ग्राम पंचायत राज को सीधे सोलर लाइट आपूर्ति कर रही हैं, उनका वैट जिले में जमा नही किया जा रहा है। इस संबंध में सूत्रों ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ऐसी कंपनियां सोलर लाइट की आपूर्ति कर रही हैं जिनके पास वैट नम्बर ही नही है। इतना ही नही कई सोलर लाइट कंपनियों के अभिकर्ता सोलर लाइट का भुगतान व्यक्ति नाम से ले रही हैं जिससे वे शक के घेरे में हैं। गौरतलब है कि सोलर लाइट पर चार प्रतिशत वैट है। वर्ष 2009- 10 में लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य का सोलर लाइट ग्राम पंचायत राज के सौजन्य से आपूर्ति किया गया है जिससे लगभग चार लाख रुपए का चूना सीधे-सीधे राजस्व विभाग को लगा है।
वैट जमा करके कंपनियां देती है मुखियों को रसीद: डीडीसी
किशनगंज। जो कंपनियां ग्राम पंचायत राज में सोलर लाइट की आपूर्ति करती हैं,वे भुगतान लेने के लिए बिल देते समय वैट की रसीद भी देते हैं। यह जानकारी डीडीसी उमेश कुमार ने दी।
ग्राम पंचायत राज में सचिव नही जमा करते वैट: वाणिज्य विभाग
किशनगंज। ग्राम पंचायत राज में सचिव सीधे सोलर लाइट क्रय करते हैं। यह जानकारी मुझे नहीं है। यह बात कही वाणिज्य कर विभाग के स्थानीय पदाधिकारी देवेन्द्र प्रसाद दिनकर ने । साथ ही बताया कि सोलर लाइट पर वैट जिलाधिकारी कार्यालय के सौजन्य से जमा हो रहा है। इस वर्ष लगभग तीन लाख रुपए सोलर लाइट की बिक्री पर बतौर वैट जमा हुआ है।
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