Tuesday, May 25, 2010

देश के स्कूलों में दर्ज उपस्थिति में 45.3 प्रतिशत फर्जी

राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन ने दिल्ली में 18 मई को पूरे देश में एक से आठ तक कक्षाओं में उपस्थित विद्यार्थियों की रिपोर्ट जारी की, जिसमें बिहार में कुल उपस्थिति 74 प्रतिशत बताई गई है। सही जांच करने पर उपस्थिति बिहार प्रदेश सहित देश के सभी प्रदेशों में इससे भी कम लगभग 44.7 प्रतिशत मिलेगी। इसका साक्ष्य है प्राथमिक शिक्षा में प्रदेश का अव्वल जिला किशनगंज में वर्ष 2009-10 में राज्य स्वास्थ्य समिति के दल द्वारा 213 मध्य विद्यालयों में एक सप्ताह पहले सूचना देकर निश्चित समय पर बच्चों के जांच और उपस्थिति छात्र-छात्राओं के आंकड़े। यह जानकारी समाजसेवी सह सांसद सहयोगी सादिक समदानी ने कहीं। वे 21 मई को दैनिक जागरण समाचार पत्र के पेज संख्या 19 पर नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो के हवाले से राष्ट्रीय सांख्यिकी के आंकड़ो पर आधारित खबर ''गरीबी के कारण छोड़ देते हैं 21 फीसदी बच्चे पढ़ाई'' पर 21 मई को प्रतिक्रिया जता रहे थे।

उन्होंने एनएसएसओ के रहस्योंद्घाटन पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए बताया कि बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा वर्ष 2009-10 में मध्य विद्यालयों में कैंप लगाकर बच्चो की जांच कराई गई है जिसमें बच्चों की उपस्थिति पचास प्रतिशत से भी कम है। किशनगंज जिले से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में यह रहस्योद्घाटन करते हुए बताया गया है कि जिले के सभी 213 मध्य विद्यालयों में केवल 44.3 प्रतिशत उपस्थिति बच्चों की पायी गई है।

 रिपोर्ट में यह भी है कि कुल 1,13,232 छात्र-छात्राओं में केवल 50,651 बच्चे ही मध्य विद्यालयों के स्कूल में मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने कहा कि वे एनएसएसओ की रिपोर्ट की तरफ राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और स्थानीय सांसद मौलाना असरारुल हक का भी ध्यान आकर्षित कराया गया है। उधर इस सवाल पर मिड डे मील के जिला प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2009-10 में मध्य विध्यालयों में बच्चों की औसत उपस्थिति 88 प्रतिशत है ।

No comments:

Post a Comment