नारी में अभूतपूर्व दमन को भी झेलने की क्षमता है,लेकिन वह अपने परिवार के विघटन के आगे टूट जाती। किसी के सामने अपनी इस व्यथा को प्रकट नहीं करती, उसके स्थान पर आत्म हत्या कर लेना उसे कबूल है। इसी के विरोध में एक नारी, वह भी मुस्लिम महिला श्रीमती फरजाना बेगम ने राहत संस्था के माध्यम से अभियान चलाया तो जिले के 486 महिलाएं उत्पीड़न के खिलाफ उठ खड़ी हुई। इन सभी को श्रीमती बेगम ने महिला हेल्पलाइन किशनगंज के माध्यम से उनके परिजनों को बुलाकर, मस्तिष्कीय प्रशिक्षण देकर फिर एक कर दिया। इसके अलावा श्रीमती फरजाना ने हुनर योजना के तहत प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर सिलाई, बुनाई का प्रशिक्षण दे नारियों को अपने पैरों पर खड़े होना सिखा रही है। श्रीमती फरजाना बेगम बताती हैं कि अक्षर आंचल योजना के तहत अक्षर दूतों के माध्यम से महिलाओं को साक्षर किये जाने का कार्यक्रम से महिला हेल्प लाइन को सहयोग मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि थाना मुख्यालयों में पति-पत्नी विवाद को महिला हेल्प लाईन जाने के लिए सुझाव दिया जाता है,उससे भी नारियों में जागरुकता आ रही है।
Friday, January 22, 2010
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