बरसात के मौसम में जिले के अन्दर स्थित नदियां ही नहीं अपितु उनसे जुड़ने वाले नाले या धार भी नदी जैसे दिखते हैं, लेकिन अन्य मौसम में ये नाले ही नहीं, नदियां भी रेगिस्तान हो जाती हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए जिला विकास योजना से ंिसंचाई प्रक्षेत्र अन्तर्गत दो स्थानों पर डैम बनकर तैयार है और चार में से तीन स्थानों पर कार्य शुरू हो गया है। वहीं गुवाबाड़ी पंचायत के गरगांव में यह योजना अभी तक शुरू नही हुई है। मुखिया तौकरी आलम ने बताया कि ग्रामीणों को आशंका है कि डैम बन जाने से उनका गांव बह जाएगा। उन्हें समझाया जा रहा है कि डैम बन जाने से सभी महीनों में धार में जल रहेगा जिससे सिंचाई हो सकेगी, भूजल का स्तर नीचे नहीं गिरेगा और गांव वालों को मुफ्त में मछलियां भी मिलेगी। इससे पहले एक सवाल पर आरडब्लूडी टू के कार्यपालक अभियंता सच्चिदानंद पान्डेय ने बताया कि टेढ़ागाछ प्रखंड के भेलागुड़ी में 10 लाख रुपए और पोठिया प्रखंड के मोहाबाड़ी में 20 लाख रुपए से जल संरक्षण योजना बन गयी है। एक अन्य सवाल पर उन्होंने बताया कि बहादुरगंज प्रखंड के भाटाबाड़ी में 50 लाख रुपए, कोचाधामन प्रखंड के सुन्दरबाड़ी में 37 लाख रुपए, बड़ी जान के दुर्गापुर में तालाब का निर्माण 17 लाख और गुवाबाड़ी के गरगांव में 27.92 लाख रुपए से जल संरक्षण के लिए डैम सह पुल का निर्माण कराया जा रहा है।
Wednesday, January 20, 2010
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