मदरसों के बहुविध विकास हेतु मदरसों के मौलवियों का रचनात्मक सहयोग जरूरी। उनके रचानात्मक सहयोग के बिना मदरसों का न तो शैक्षणिक विकास संभव है और ना उनका भौतिक विकास। इन विचारों को वाणी दी है जिला पदाधिकारी फेराक अहमद ने। श्री अहमद दो जनवरी को अपने कार्यालय कक्ष में सर्व शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय विकास अनुदान व शिक्षण अधिगम सामग्री मद से जिला के कुल 240 सरकारी मदरसों में पठन पाठन एवं खेलकूद सामग्री खरीदने के लिए मौलवियों को 15 हजार रुपये का कुछ मदरसों को 18 हजार रुपये का चेक देते समय उन्हें प्रेरित कर रहे थे । इससे पहले उन्होंने कुल 51 लाख रुपये बांटे। इस अवसर पर डीडीसी उमेश कुमार, एसडीओ रामेश्वर सिंह, डीआरडीए निदेशक व्यासमुनि प्रधान,डीएसई रविन्द्र शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजहरुद्दीन क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण कुमार व प्रारम्भिक शिक्षा के समन्वयक असीरुद्दीन भी मदरसा शिक्षकों के प्रधान मौलवियों के साथ मौजूद थे। इससे पहले जिलाधिकारी श्री फेराक ने बताया कि जिला में 49 ऐसे सरकारी मदरसे हैं जहां के छात्र छात्राओं की सुविधा के लिए 6-6 कमरे बनेंगे। वहीं 100 मदरसों में तीन तीन कमरे बनेंगे। उन्होंने मौलवियों से सहयोग की मांग की जिससे निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनी रहे तथा निर्माण कार्य में अनावश्यक व्यवधान न हो। उन्होंने बताया कि मौलवियों का सहयोग मिला तो उन सभी 149 मदरसों में कमरों का निर्माण कार्य अगले 6 महीने में पूरा हो जायेगा जिससे उन मदरसों की चिर लंबित मांगे पूरी हो जायेगी।
Monday, January 4, 2010
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