Tuesday, January 5, 2010

इंटर नेशनल शिक्षा पर डेरामारी में कार्यशाला का आयोजन

कल जो शिक्षा दी जा रही थी, वह आज प्राचीन हो गयी है। आज जो शिक्षा दी जा रहीं है,वह भी कल शायद नहीं दी जाए। नित नई खोज और ग्लोबल विलेज से शिक्षा के विषय में नित नये परिवर्तन हो रहे हैं। जो समाज देश, समय और काल के अनुसार अपने शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन नहीं करेंगे, वे पिछड़ जाएंगे यह बात केन्द्रीय विद्यालय बीएसएफ खगड़ा के प्राचार्य के।एन।एस.यादव ने कहीं। वे रविवार को एचडीएफ इंटरनेशनल स्कूल की आधारशिला के अवसर पर डेरामारी पंचायत में इंटर नेशनल शिक्षा पर आयोजित कार्यशाला में अपना विचार रखे रह थे।

इस अवसर पर मोहम्मद तनवीर ने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्राप्त करना नयी पीढ़ी का अधिकार और कर्तव्य है। इसके साथ हीं हमें अल्लाह और हकीकत को भी नहीं भूलना चाहिए। पार्षद सह शायरे इस्लाम और स्वर के जादूगर हाजी अब्दुस सुभान ने कहा कि इल्म के इमदाद से बढ़कर संसार में कोई नेकी नहीं है। एक टूटी कलम भी दूसरों के बच्चों के हाथ में थमाने वाला कल का इतिहास लिखता है। ह्यूंमेन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अध्यक्ष मतीउर रहमान ने कहा कि आज की शिक्षा अर्चीटेक्ट, इंजीनियरिंग, मेडिकल, ब्यूरोकेट के साथ-साथ दर्जनों क्षेत्रों को अपने अंदर समेट ली है।

वहीं कार्यशाला का सफल संचालन कर रहे अधिवक्ता मो। अब्दुल मोनिन ने कहा कि एक सफल कार्यशाला का आयोजन के लिए जितने संसाधनों की जरुरत पड़ती है, वे सभी आज शिक्षा के क्षेत्र में आते हैं। किशनगंज तालीम में नीचे से पहले पायदान पर खड़ा है जिसका मुख्य कारण शिक्षण संस्थाओं का अभाव और गरीबी है। इस अवसर सांसद मौलाना असरारुल हक काशमी, विधानपार्षद डा।दिलीप कुमार जायसवाल मुख्य रुप से मंच पर मौैजूद थे। इस दौरान डीएम फेराक अहमद और विधायक अख्तरुल ईमान भी कार्यशाला परिसर में पहुंचकर आयोजकों का हालचाल लिए।

No comments:

Post a Comment